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'मुन्नाभाइयों' ने उड़ाई नींद, आगरा में 13 फर्जी अभ्यर्थी पकड़ाए

Mon, 02 May 2016 04:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा-वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा-वाराणसी Updated Mon, 02 May 2016 04:48 AM IST
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13 fraudulent candidate Arrested in Agra.
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा-वाराणसी
आगरा में पुलिस और पीएसी में चल रही आरक्षी भर्ती की शारिरिक मानक परीक्षा (दौड़) में एक के बाद एक 13 ‘मुन्नाभाई’ की गिरफ्तारी से पुलिस भर्ती बोर्ड की नींद उड़ गई है। सबसे बड़ी टेंशन यह है कि कई फर्जी अभ्यर्थी अफसरों की आंख में धूल झोंककर दौड़ लगाने में कामयाब हो गए। इनमें से एक दूसरी बार की दौड़ में पकड़ा गया।
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इस खुलासे के बाद सभी 12 केंद्रों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। भर्ती बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि दौड़ पूरी होने के बाद प्रत्येक चरण में चौकसी बरती जाए। खास तौर से बायोमेट्रिक टेस्ट में सावधानी बरतने को कहा है। दरअसल, इस बार की भर्ती में 200 अंकों की दौड़ का सबसे अहम रोल है।
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इसमें कई गिरोह सक्रिय हो गए हैं। एक बर्खास्त एचसीपी गिरफ्तार हो चुका है। खुलासा यह भी हुआ है कि फर्जी अभ्यर्थी सेना की भर्ती में भी दौड़ लगा चुके हैं। यह पूरी रिपोर्ट आगरा पुलिस ने पुलिस भर्ती बोर्ड को भेजी।
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इसके बाद दौड़ के लिए बनाए गए सभी केंद्रों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सबसे ज्यादा जोर बायोमेट्रिक टेस्ट पर दिया जा रहा है। आवेदन फार्म में अभ्यर्थियों से थंब इंप्रेशन ( अंगूठे का निशान ) लिया गया था। दौड़ से पहले भी थंब इंप्रेशन लिया जा रहा है। इसके आगे के चरणों में भी थंब इंप्रेशन लिया जाएगा। इसके बाद ज्वाइनिंग के समय भी इसे देखा जाएगा। अगर सभी एक जैसे नहीं मिले तो अभ्यर्थी पकड़ में आ जाएगा।

वर्जन
सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के बारे में भर्ती बोर्ड को जानकारी भेजी गई थी। इसके बाद वहां से चौकसी बढ़ाने के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
- अजय मोहन शर्मा ( डीआईजी )
 

एआईपीएमटी का पेपर लीक कराने का प्रयास, आठ गिरफ्तार

13 fraudulent candidate Arrested in Agra.
ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) का प्रश्नपत्र लीक कराने के प्रयास में एसटीएफ ने रविवार को वाराणसी के अलग-अलग स्थानों से एक महिला समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसी तरह पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में भी प्रदेश में दो मुन्ना भाई पकड़े गए हैं।

उधर, आगरा में पुलिस और पीएसी में चल रही आरक्षी भर्ती की शारीरिक मानक परीक्षा (दौड़) में अबतक एक के बाद एक 13 ‘मुन्नाभाई’ की गिरफ्तारी से पुलिस भर्ती बोर्ड की नींद उड़ गई है।

एआईपीएमटी में प्रश्पत्र लीक मामले में गिरफ्तार होने वालों में चार वाराणसी और चार बिहार के रहने वाले बताए गए हैं। उनके पास से दो लाख रुपये नगद, चेक और तीन अदद चार पहिया गाड़ियां बरामद की गई हैं। उधर, राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए रविवार को हुई प्रवेश परीक्षा (पालीटेक्निक)-2016 में प्रदेश में दो मुन्ना भाई पकड़े गए हैं।

इनमें एक अमेठी जबकि दूसरा हाथरस में पकड़ा गया। दोनों ही दूसरों की जगह परीक्षा देने आए थे। दोनों को पुलिस के हवाल कर दिया गया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव के अनुसार, परीक्षा का परिणाम 25 से 30 मई के बीच घोषित किया जाएगा।

ऑनलाइन रेलवे भर्ती परीक्षा में प्राचार्य समेत छह पकड़ गए
रेलवे भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में कालेजों ने लाखों रुपये में ठेके लेकर धांधली कराई। यह चौंकाने वाला खुलासा एसटीएफ ने किया। इसमें आगरा के सिकंदरा स्थित देव एजूकेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कालेज के प्राचार्य राजेश सिंह समेत छह लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

रैकेट का सरगना राहुल गोस्वामी बताया गया है। वह पिछले साल करोड़ों रुपये लेकर एसएससी परीक्षा में कराई गई धांधली का मास्टरमाइंड रहा है। तभी से नोएडा से फरार चल रहा था। इन्हें 30 अप्रैल को रेलवे भर्ती की ऑनलाइन कराई गई परीक्षा की दूसरी पाली में गिरफ्तार किया गया।

पश्चिमी यूपी एसटीएफ ने सभी छह लोगों की गिरफ्तारी आगरा के एनएच-2 स्थित गुरुद्वारा गुरु का ताल से की है। एसटीएफ के एएसपी आलोक प्रियदर्शी ने थाना सिकंदरा में प्रेस को बताया कि यह गिरोह देव कालेज में मैनपुरी के कोशलेंद्र यादव की धांधली के जरिए परीक्षा कराने आया था।

इस धांधली में इसी कॉलेज का प्राचार्य राजेश कुमार सिंह, आगरा के सिकंदरा निवासी एवं हरदोई में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक मोहन सिंह, हाथरस का राहुल गोस्वामी, भरतपुर का ज्ञानेंद्र सिंह शामिल हैं। कोशलेंद्र के साथ उसके गांव का ही अंकित यादव साल्वर के रूप में आया था।

वहीं गिरफ्तार लोगों ने एसटीएफ को बताया कि वे प्रति अभ्यर्थी 1.30 लाख रुपये के हिसाब से कालेज संचालकों को 70 लाख रुपये दे चुके हैं। एक अभ्यर्थी से छह से साथ लाख रुपये लिए जाते हैं। उधर, रेलवे की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण मामले में रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने अहम निर्णय लिया है। आरआरबी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 22 अप्रैल को ऑनलाइन पेपर लीक मामले में परीक्षा निरस्त नहीं की जाएगी।
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एसके त्यागी पर कसेगा एसटीएफ का शिकंजा
आगरा। जिन पांच कॉलेजों में रेलवे भर्ती बोर्ड ने आन लाइन परीक्षा के लिए सेंटर बनाया, उन सभी के संचालक एसके त्यागी बताए गए हैं। एएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि एसके त्यागी को लिखा पढ़ी में आरोपी बना लिया गया है। जल्द ही पूछताछ की जाएगी। उसके कई और कालेज बताए गए हैं। इस रैकेट में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। यह रैकेट एसएससी, पुलिस, सेना, नेवी सभी की परीक्षाओं में धांधली करा चुका है।

 
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