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दस साल पहले लापता हुआ बच्चा, 'दर्पण' ने चेहरा पहचानकर परिवार से मिलाया
Mon, 14 Dec 2020 06:04 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Mon, 14 Dec 2020 06:04 PM IST
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मध्य प्रदेश में 10 साल पहले एक लड़का अपने घर से लापता हो गया था। परिवार वालों ने कहां-कहां नहीं ढूंढा , पुलिस की मदद भी ली, लेकिन अपने लाड़ले का सुराग नहीं लगा पाए। वहीं अब तकनीक का कमाल है कि 10 साल पहले लापता बच्चाअपने परिवार से मिल गया है। मध्य प्रदेश में घर से लापता हुआ एक लड़का 10 साल बाद चेहरा पहचानने वाले उपकरण ‘दर्पण’ की मदद से अपने परिवार से मिल गया।
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एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि मध्य प्रदेश का यह लड़का पश्चिम बंगाल में हावड़ा के एक बाल गृह में मिला। वह सात अक्तूबर, 2010 को मध्य प्रदेश के जबलपुर से लापता हो गया था और हुगली पुलिस ने उसे 21 अक्तूबर, 2010 को बाल गृह को सौंप दिया। तब से यह बच्चा परिवार से दूर हावड़ा के बाल गृह में रह रहा था। वहीं परिवार ने बच्चे को ढूंढने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन बाद में थक कर बच्चे के मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन चेहरा पहचानने वाले उपकरण ‘दर्पण’ की मदद से बच्चा अपने परिवार से फिर से मिल गया है।
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तेलंगाना पुलिस ने लापता बच्चों की तस्वीरें देश के बाल गृहों में मौजूद बच्चों से मिलान करने का एक उपकरण बनाया है और पुलिस ने इसी उपकरण का उपयोग करते हुए बच्चे को परिवार से मिलवाने में मदद की।
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महिला सुरक्षा विंग की राज्य की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्वाति ने कहा कि लड़का इस साल मार्च में मिला। पुलिस ने जबलपुर के अपने समकक्ष को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने बच्चे के अभिभावक को इस बारे में बताया। इसके बाद वे बाल गृह गए और वहां अपने बेटे को पहचान लिया। बता दें कि चेहरा पहचानने वाली इस तकनीक के जरिये पहले भी कई बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है।