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महाराष्ट्र में फंसे हैं 10 लाख प्रवासी मजदूर, कुछ राज्य उन्हें वापस बुलाने को तैयार नहीं: बालासाहेब थोराट

Sat, 09 May 2020 01:17 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 09 May 2020 01:17 PM IST
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10 lakh migrant laborers trapped in Maharashtra, Some states unwilling to take back migrants: Balasaheb Thorat
प्रवासी मजदूर - फोटो : PTI

देश में कोविड-19 के प्रसार पर रोक लगाने के लिए सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन लागू किया हुआ है। इस कारण विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर गृह राज्य भेजे जाने को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि, कुछ राज्य प्रवासी मजदूरों को गृह राज्य बुलाने में आनाकानी कर रहे हैं। 

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वहीं, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने कोविड-19 से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों को कुछ राज्यों द्वारा वापस नहीं बुलाए जाने संबंधी रूख पर शनिवार को चिंता जताई।
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थोराट ने आरोप लगाया कि कई राज्यों द्वारा प्रवासी मजदूरों के बारे में मनमाने ढंग से फैसले लेने से स्थिति और खराब हो गई। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों में वापस भेजने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन कई राज्य अपने लोगों को वापस बुलाने के लिए इच्छुक नहीं है।
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मंत्री ने मांग की कि केंद्र को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और स्थिति बिगड़ने से पहले सभी राज्यों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लगभग 10 लाख ऐसे प्रवासी मजदूर हैं जो अपने गृह राज्य लौटना चाहते हैं। ऐसे मजदूरों को भेजने के लिए अब तक राज्य से 32 रेलगाड़ियां चलाई गई हैं।

उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा से कई मजदूर ऐसे हैं जो अपने गृह राज्य जाना चाहते हैं लेकिन ये राज्य उन्हें वापस बुलाने के लिए तैयार नहीं हैं।

थोराट ने कहा  कि शुरू में उत्तर प्रदेश ने अपने राज्य के लोगों को वापस बुलाने से इनकार किया था, लेकिन अब उन्होंने अपने फैसले में बदलाव किया है और हमने उन्हें वापस भेजना शुरू कर दिया है। 


मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले तक सहयोग कर रही बिहार सरकार ने अब प्रवासी मजदूरों का प्रवेश रोक दिया है जबकि कांग्रेस इन मजदूरों का यात्रा खर्च भी वहन करने को तैयार थी।

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