कलयुग में इस रूप में हुआ है बाली का अवतार, पढ़िए मजेदार जोक्स
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एक सुंदर लड़की दवाईयों की एक दुकान के सामने
काफी देर से खड़ी थी।
दुकानदार उसे शक की नजर से घूर रहा था।
बहुत देर बाद जब दुकान में कोई ग्राहक नहीं बचा, तो
लड़की ने दुकानदार को एक कोने में बुलाया।
अब दुकानदार और भी चौकन्ना हो गया।
लड़की ने धीरे से एक कागज दुकानदार की ओर बढ़ाया
और धीरे से फुसफुसायी...
'भैया, मेरी एक डॉक्टर के साथ शादी तय हो गई है।
आज उनकी पहली चिट्ठी आई है। थोड़ा पढ़कर सुनाएंगे क्या?
यह सुनकर दुकानदार बेहोश...!!!
'प्यार किया तो डरना क्या'
इस लाइन के बहकावे में आकर
.
.
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हजारों आशिकों ने भरे बाजार में जूते खाए हैं...!
बच के रहें... जनहित में जारी...!!!
रामायण में एक पात्र था 'बाली'
उसके सामने जो भी जाता था, उसका
आधा बल बाली में चला जाता था।
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मुझे तुरंत याद आया कि ऐसा तो बिल्कुल
मेरे साथ भी होता है...
क्योंकि जैसे ही मैं घरवाली के सामने जाता हूं
वैसे ही काफी कमजोरी सी लगने लगती है और
चक्कर भी आने लगते हैं।
ऐसा लगता है कि बाली कहीं न कहीं इस युग में
'घरवाली' के रूप में अवतरित हो गए हैं...!!!
- एक दुखी पति...