विवाह मुहूर्त 2024: विवाह के लिए अक्तूबर से दिसंबर माह तक 28 शुभ मुहूर्त, नवंबर में सबसे ज्यादा 15 दिन शुभ
इस साल अक्तूबर से 11 दिसंबर तक 28 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। इन शुभ मुहूर्त में वर और कन्या की कुंडली में ग्रहों की स्थिति को देखकर शुभ मुहूर्त निकाला जाता है।
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शादी समारोह, धार्मिक कार्यक्रम करवाने या खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिसंबर तक 28 शुभ मुहूर्त आ रहे हैं। नवरात्र से शुभ मुहूर्त शुरू हो गए हैं जो 11 दिसंबर तक रहेंगे। पितृपक्ष में मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए अब नवरात्र के साथ ही शुभ कार्य होने शुरू हो गए हैं।
नवरात्र में विवाह, विवाह के लिए वर या कन्या को देखना, वाहन खरीददारी, सोने- चांदी की खरीददारी करनी शुभ होती है। इस साल अक्तूबर से 11 दिसंबर तक 28 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। इन शुभ मुहूर्त में वर और कन्या की कुंडली में ग्रहों की स्थिति को देखकर शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। राम मंदिर के पुजारी पंडित रमेश ने बताया कि अक्तूबर में 6, 7, 11, 12, 20, 21, 26, 27 और 28 अक्तूबर को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। इसके साथ ही नवंबर महीने में सबसे अधिक 15 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। नवंबर में 3, 4, 6, 8, 9, 10, 14, 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26 और 27 की तिथि विवाह के लिए शुभ है। दिसंबर में चार ही दिन विवाह के योग बन रहे हैं।
दिसंबर में 5, 6, 7 और 11 की तिथि को विवाह करवा सकते हैं। इसके बाद अगले साल 16 जनवरी से ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त मिलेंगे। उन्होंने बताया कि कई लोगों को भ्रम रहता है कि चातुर्मास में विवाह नहीं किए जाते। लेकिन चातुर्मास में विवाह जैसे शुभ कार्य बंद नहीं होते हैं।
चातुर्मास साधना करने के लिए भी शुभ माना गया है। अक्तूबर से दिसंबर तक शरद पूर्णिमा, पंच भीष्म, तुलसी विवाह, हनुमान जयंती, दिपावली और धनतेरस जैसे मांगलिक कार्य किए जाते हैं। विवाह और खरीददारी करना बेहद शुभ माना गया है।
इसलिए देखते हैं शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है। इसमें जिस दिन मांगलिक कार्य करना हो उस दिन की तिथि, शुभ नक्षत्र, योग, ग्रह को देखकर ही शुभ कार्य किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए कार्य से लाभ मिलता है। बिना शुभ मुहूर्त के किए गए काम में हानि हो सकती है या बना हुआ काम बिगड़ सकता है। इसलिए शुभ मुहूर्त में ही विवाह, खरीददारी और संस्कार जैसे शुभ कार्य किए जाते हैं।