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सीएम के लिए वीरभद्र की दावेदारी सब पर भारी
बृजेश सिंह
Updated Fri, 21 Dec 2012 07:39 AM IST
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हिमाचल प्रदेश में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? जवाब स्पष्ट है वीरभद्र सिंह। लेकिन जब तक कांग्रेस आलाकमान की ओर से फैसला नहीं हो जाता, यह सवाल कायम रहेगा। कांग्रेस के दूसरे नेताओं की तरह वीरभद्र सिंह भले यह कह रहे हैं कि सोनिया गांधी को मुख्यमंत्री का नाम तय करना है कि लेकिन वह खुद के सिवा किसी अन्य को हिमाचल का मुख्यमंत्री स्वीकार नहीं करेंगे।
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गुरुवार सुबह चुनाव के रुझान आने के बाद वीरभद्र सिंह ने कहा था कि मुझे पार्टी को सत्ता में लाने का काम सौंपा गया था, जिसे मैने पूरा कर दिया। अब हमारी राष्ट्रीय नेता (सोनिया गांधी) को तय करना है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा। इसके साथ ही वह यह भी कहने से नहीं चूके कि कांग्रेस हाईकमान किसी बाहरी व्यक्ति को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। वीरभद्र सिंह चुनाव प्रचार के समय कांग्रेस द्वारा घोषित मुख्यमंत्री पद के दावेदार भले ही न रहे हों, लेकिन पूरा चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा व जीता गया है।
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मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए विभिन्न दावेदारों को यद्यपि चुनाव पूर्व टिकट वितरण के समय ही वीरभद्र सिंह घुटने मोड़ने को मजबूर कर चुके हैं। केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा प्रदेश की राजनीति में वीरभद्र सिंह के मुख्य विरोधी माने जाते हैं। मगर वीरभद्र सिंह उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार नहीं मानते हैं।
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विद्या स्टोक्स का भी प्रदेश में ऐसा जनाधार नहीं है कि उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी जा सके। सबसे बड़ी बात यह है कि वर्तमान स्थिति में यदि कांग्रेस हाईकमान किसी को मुख्यमंत्री के रूप में थोपने का प्रयास करेगी तो क्या प्रदेश की जनता तथा खुद वीरभद्र सिंह उसे स्वीकार करने को राजी होंगे। कुल 68 सीटों वाली विधानसभा सीटों में 36 सीट पाने वाली कांग्रेस वीरभद्र को नाराज कर किसी और को मुख्यमंत्री बनाने का शायद ही हौसला करें।