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Una News: उच्च शिक्षा के सपनों को उड़ान देगी वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना
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पात्रता के लिए छात्र को पिछली कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी
अब गरीब परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पैसे के इंतजाम की नहीं रहेगी चिंता
एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का है प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश में अब गरीब परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पैसे के इंतजाम की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे युवा जो शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत और लगन से ऊंचाई छूना चाहते हैं उनके लिए हिमाचल सरकार की डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना आशा की किरण है। इस योजना में प्रदेश सरकार की ओर से 20 लाख रुपये तक का लोन मात्र 1 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक राजेंद्र कौशल ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को मात्र एक प्रतिशत की न्यूनतम ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का प्रावधान है। योजना का लाभ नए छात्रों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को भी मिलेगा। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन, पैरा-मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, विधि सहित विभिन्न डिप्लोमा और डिग्री कोर्सों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से पीएचडी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ केवल हिमाचली बोनाफाइड छात्रों को मिलेगा। पात्रता के लिए छात्र को पिछली कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है और प्रवेश मेरिट के आधार पर होना चाहिए। छात्र के परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसके प्रमाण स्वरूप आय प्रमाण पत्र संबंधित तहसील अथवा उपमंडल के कार्यकारी दंडाधिकारी से प्राप्त करना होगा। ऑनलाइन या पत्राचार माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। विभाग अलग से पोर्टल भी विकसित कर रहा है। पोर्टल के सक्रिय होने तक योजना के लाभ के लिए छात्र आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित प्रपत्र ईमेल पते ईडीयूआरआइएनडीएचईएसएमएल2023 एट द रेट जीमेल डॉट कॉम पर भेज सकते हैं।
कॉर्पस फंड का है प्रावधान
योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार ने उपायुक्तों के पास एक कॉर्पस फंड का प्रावधान किया है। यदि बैंक से पहली किस्त में देरी होती है तो उपायुक्त 24 घंटे के भीतर इस फंड से पहली किस्त जारी करेंगे, ताकि छात्रों को प्रवेश में कोई बाधा न आए। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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अब गरीब परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पैसे के इंतजाम की नहीं रहेगी चिंता
एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का है प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश में अब गरीब परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पैसे के इंतजाम की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। ऐसे युवा जो शिक्षा के क्षेत्र में मेहनत और लगन से ऊंचाई छूना चाहते हैं उनके लिए हिमाचल सरकार की डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना आशा की किरण है। इस योजना में प्रदेश सरकार की ओर से 20 लाख रुपये तक का लोन मात्र 1 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ऊना के उपनिदेशक राजेंद्र कौशल ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को मात्र एक प्रतिशत की न्यूनतम ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का प्रावधान है। योजना का लाभ नए छात्रों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को भी मिलेगा। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन, पैरा-मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, विधि सहित विभिन्न डिप्लोमा और डिग्री कोर्सों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से पीएचडी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ केवल हिमाचली बोनाफाइड छात्रों को मिलेगा। पात्रता के लिए छात्र को पिछली कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है और प्रवेश मेरिट के आधार पर होना चाहिए। छात्र के परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसके प्रमाण स्वरूप आय प्रमाण पत्र संबंधित तहसील अथवा उपमंडल के कार्यकारी दंडाधिकारी से प्राप्त करना होगा। ऑनलाइन या पत्राचार माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। विभाग अलग से पोर्टल भी विकसित कर रहा है। पोर्टल के सक्रिय होने तक योजना के लाभ के लिए छात्र आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित प्रपत्र ईमेल पते ईडीयूआरआइएनडीएचईएसएमएल2023 एट द रेट जीमेल डॉट कॉम पर भेज सकते हैं।
कॉर्पस फंड का है प्रावधान
योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार ने उपायुक्तों के पास एक कॉर्पस फंड का प्रावधान किया है। यदि बैंक से पहली किस्त में देरी होती है तो उपायुक्त 24 घंटे के भीतर इस फंड से पहली किस्त जारी करेंगे, ताकि छात्रों को प्रवेश में कोई बाधा न आए। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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