{"_id":"6a3d7d271d4762818f0b0c57","slug":"youth-is-important-in-building-a-drug-free-society-una-news-c-93-1-una1026-196422-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: नशामुक्त समाज के निर्माण में युवा अहम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: नशामुक्त समाज के निर्माण में युवा अहम
Fri, 26 Jun 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
राजिंद्र शर्मा
मुबारिकपुर (ऊना)। हर वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और अवैध व्यापार के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
वर्तमान में जहां नशा एक अभिशाप बन चुका है, वहीं एक गंभीर चुनौती भी बनता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि आज देश का भविष्य युवा नशे की जकड़ में फंसता जा रहा है।
यह समस्या सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर रही है। इस खतरे से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास अभी भी कम पड़ते दिख रहे हैं। अभी भी स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने और धरातल पर इसका असर पहुंचाने की सख्त जरूरत है।
विज्ञापन
युवाओं को कला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल में व्यस्त रखने की आवश्यकता है। नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंच बढ़ाई जानी चाहिए ताकि पीड़ितों को मदद मिल सके।
विज्ञापन
मुबारिकपुर (ऊना)। हर वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और अवैध व्यापार के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
वर्तमान में जहां नशा एक अभिशाप बन चुका है, वहीं एक गंभीर चुनौती भी बनता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि आज देश का भविष्य युवा नशे की जकड़ में फंसता जा रहा है।
विज्ञापन
यह समस्या सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर रही है। इस खतरे से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास अभी भी कम पड़ते दिख रहे हैं। अभी भी स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने और धरातल पर इसका असर पहुंचाने की सख्त जरूरत है।
विज्ञापन
युवाओं को कला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल में व्यस्त रखने की आवश्यकता है। नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंच बढ़ाई जानी चाहिए ताकि पीड़ितों को मदद मिल सके।