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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : वैक्सीन लगवाने के बाद दूसरों को जागरूक कर रहे युवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में एक बार फिर कोरोना के मामलों में इजाफा होने के बाद सभी वर्ग कोरोना की वैक्सीन लगवाने को लेकर सतर्क हो गए हैं। समाज में युवा खुद वैक्सीन लगवाने के बाद दूसरों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा किशोर भी वैक्सीन लगने के बाद खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई युवा घर के बड़े-बुजुर्गों को वैक्सीन की दोनों डोज के साथ बूस्टर डोज लगवाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। इस संबंध में कुछ युवा और किशोरों ने अपने विचार साझा किए।
नहीं कोई भी दुष्प्रभाव
कोरोना से बचाव के लिए लगाई जाने वाली वैक्सीन का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। कुछ लोग लंबे समय से वैक्सीन को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं, जो सरासर गलत है। वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना से बचाव के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
-अच्छर सहोता
टीकाकरण बेहद जरूरी
टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी युवाओं को अपना सहयोग देना चाहिए। 100 फीसदी टीकाकरण से ही कोरोना महामारी से बचाव संभव है। मैंने खुद अपने आसपास के लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया और इसके साकारात्मक परिणाम भी आए।
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-दीपक कुमार
बूस्टर डोज से न करें परहेज
टीकाकरण अभियान के तहत सरकार चिन्हित वर्ग को बूस्टर डोज लगा रही है। ऐसे में हम सभी को मिलकर लोगों को बूस्टर डोज के लिए जागरूक करना चाहिए। कई परिवार बुजुर्गों को इसके लिए प्रेरित न कर उनमें नकारात्मक विचार भरे रहे हैं।
-सुशील कुमार।
वैक्सीनेशन को लेकर न हों गुमराह
कोविड टीकाकरण को लेकर दो साल से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान सामने आया कि लोगों में इसकोलेकर संशय है। कई लोगों को समझाकर टीकाकरण के लिए मनाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों को अफवाहों पर विश्वास न करके लोगों को टीकाकरण लगाने के लिए आगे आना होगा। -संजय शर्मा
वैक्सीन लगाने के बाद दी परीक्षा
जिन दिनों सरकार की तरफ से 14 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रहे थे, उस दौरान मैंने भी वैक्सीन लगवाई। इसके बाद पढ़ाई कर परीक्षा भी दी। कोई भी दिक्कत महसूस नहीं हुई। इससे स्वास्थ्य पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
-साहिल
मामले बढ़ने से पहले हों सतर्क
कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गए हैं। ऐसे में सभी को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक करना हमारा कर्तव्य है। अगर किसी कारण से बुजुर्ग बूस्टर डोज नहीं लगवाते हैं तो उन्हें इसके लिए जागरूक किया जाना चाहिए।
-हर्ष
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ऊना। जिले में एक बार फिर कोरोना के मामलों में इजाफा होने के बाद सभी वर्ग कोरोना की वैक्सीन लगवाने को लेकर सतर्क हो गए हैं। समाज में युवा खुद वैक्सीन लगवाने के बाद दूसरों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा किशोर भी वैक्सीन लगने के बाद खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई युवा घर के बड़े-बुजुर्गों को वैक्सीन की दोनों डोज के साथ बूस्टर डोज लगवाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। इस संबंध में कुछ युवा और किशोरों ने अपने विचार साझा किए।
नहीं कोई भी दुष्प्रभाव
कोरोना से बचाव के लिए लगाई जाने वाली वैक्सीन का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। कुछ लोग लंबे समय से वैक्सीन को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं, जो सरासर गलत है। वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना से बचाव के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
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-अच्छर सहोता
टीकाकरण बेहद जरूरी
टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी युवाओं को अपना सहयोग देना चाहिए। 100 फीसदी टीकाकरण से ही कोरोना महामारी से बचाव संभव है। मैंने खुद अपने आसपास के लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया और इसके साकारात्मक परिणाम भी आए।
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-दीपक कुमार
बूस्टर डोज से न करें परहेज
टीकाकरण अभियान के तहत सरकार चिन्हित वर्ग को बूस्टर डोज लगा रही है। ऐसे में हम सभी को मिलकर लोगों को बूस्टर डोज के लिए जागरूक करना चाहिए। कई परिवार बुजुर्गों को इसके लिए प्रेरित न कर उनमें नकारात्मक विचार भरे रहे हैं।
-सुशील कुमार।
वैक्सीनेशन को लेकर न हों गुमराह
कोविड टीकाकरण को लेकर दो साल से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान सामने आया कि लोगों में इसकोलेकर संशय है। कई लोगों को समझाकर टीकाकरण के लिए मनाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों को अफवाहों पर विश्वास न करके लोगों को टीकाकरण लगाने के लिए आगे आना होगा। -संजय शर्मा
वैक्सीन लगाने के बाद दी परीक्षा
जिन दिनों सरकार की तरफ से 14 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रहे थे, उस दौरान मैंने भी वैक्सीन लगवाई। इसके बाद पढ़ाई कर परीक्षा भी दी। कोई भी दिक्कत महसूस नहीं हुई। इससे स्वास्थ्य पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
-साहिल
मामले बढ़ने से पहले हों सतर्क
कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गए हैं। ऐसे में सभी को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक करना हमारा कर्तव्य है। अगर किसी कारण से बुजुर्ग बूस्टर डोज नहीं लगवाते हैं तो उन्हें इसके लिए जागरूक किया जाना चाहिए।
-हर्ष