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अपनी ही परिवार नकल के लिए शुल्क वसूलना कैसा व्यवस्था परिवर्तन : चैतन्य
Fri, 11 Sep 2026 12:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:53 AM IST
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गगरेट (ऊना)। ई-परिवार रजिस्टर के माध्यम से परिवार नकल प्राप्त करने के लिए 13.80 रुपये शुल्क निर्धारित किए जाने को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा ने प्रदेश की सुक्खू सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जिस दस्तावेज को हासिल करना लोगों की रोजमर्रा की सरकारी जरूरत है, उसके लिए भी अब जनता को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
चैतन्य शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले व्यवस्था परिवर्तन और आम आदमी को बेहतर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का वादा किया था लेकिन मौजूदा फैसले इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अपनी ही परिवार नकल लेने के लिए जनता से शुल्क लेना क्या व्यवस्था परिवर्तन का नया मॉडल है।उन्होंने कहा कि परिवार नकल कोई विलासिता या अतिरिक्त सुविधा नहीं है, बल्कि जमीन-जायदाद, विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रमाणपत्रों सहित अनेक आवश्यक कार्यों में लोगों को इसकी जरूरत पड़ती है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ऐसे दस्तावेज बार-बार प्राप्त करना आवश्यक होता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि परिवार नकल पर लगाए गए 13.80 रुपये के शुल्क के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल वापस लिया जाए और लोगों को यह दस्तावेज पहले की तरह निशुल्क उपलब्ध करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता को राहत देना ही वास्तविक व्यवस्था परिवर्तन होगा, न कि छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए भी शुल्क तय करना।
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चैतन्य शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले व्यवस्था परिवर्तन और आम आदमी को बेहतर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का वादा किया था लेकिन मौजूदा फैसले इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अपनी ही परिवार नकल लेने के लिए जनता से शुल्क लेना क्या व्यवस्था परिवर्तन का नया मॉडल है।उन्होंने कहा कि परिवार नकल कोई विलासिता या अतिरिक्त सुविधा नहीं है, बल्कि जमीन-जायदाद, विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रमाणपत्रों सहित अनेक आवश्यक कार्यों में लोगों को इसकी जरूरत पड़ती है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ऐसे दस्तावेज बार-बार प्राप्त करना आवश्यक होता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि परिवार नकल पर लगाए गए 13.80 रुपये के शुल्क के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल वापस लिया जाए और लोगों को यह दस्तावेज पहले की तरह निशुल्क उपलब्ध करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता को राहत देना ही वास्तविक व्यवस्था परिवर्तन होगा, न कि छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए भी शुल्क तय करना।