फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Uninterrupted from Mehtpur Gateway

मैहतपुर प्रवेशद्वार से बेरोक टोक दाखिल हो रहे पर्यटक

Fri, 16 Jul 2021 10:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 10:54 PM IST
विज्ञापन
Uninterrupted from Mehtpur Gateway
मैहतपुर (ऊना)। दिन शुक्रवार दोपहर के 12:30 बजे। स्थानीय शहीद कैप्टन अमोल कालिया प्रवेशद्वार पर पंजाब से मालवाहक टेंपो आकर रुकता है। जिसमें एक धार्मिक स्थल को जा रहे यात्री सवार हैं। इन यात्रियों से किसी प्रकार की पूछताछ करने के लिए कोई भी पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं है और न ही इन्हें मालवाहक वाहन से यात्रा न करने की हिदायत देने वाला कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी तैनात है।
विज्ञापन

ऐसे कई अन्य वाहन भी हिमाचल के विभिन्न धार्मिक स्थानों को जाने के लिए दाखिल हुए। हैरत की बात यह कि स्थानीय बॉर्डर पर किसी प्रकार की कोई जांच पड़ताल अथवा वाहनों की चेकिंग का कोई बंदोबस्त नहीं पाया गया। अमर उजाला टीम ने लगभग आधे घंटे तक स्थानीय प्रवेशद्वार की गतिविधियों की जांच की।
विज्ञापन

पंजाब तथा अन्य राज्यों से सैर सपाटे के लिए हिमाचल आ रहे पर्यटकों के वाहनों की भी कोई जांच-पड़ताल नहीं हो रही है। बीते दिनों जिस प्रकार से मनाली तथा मंडी में पर्यटकों ने हथियारों से लैस होकर देवभूमि हिमाचल में घुसकर तांडव मचाया, उसे देखते हुए पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा गया है। मनाली और मंडी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पर्यटकों पर पैनी नजर रखने की हिदायतें प्रदेश पुलिस ने जारी की हैं। मैहतपुर बॉर्डर से होकर पंजाब तथा अन्य राज्यों से पर्यटन तथा धार्मिक स्थलों को जाने वाले यात्री भारी संख्या में आते हैं। ऐसे में उन पर्यटकों की जांच पड़ताल और उनके वाहनों में जांच इसलिए भी जरूरी है ताकि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का हथियार साथ लेकर देवभूमि हिमाचल में न घुस सकें। अमर उजाला टीम ने देखा कि शुक्रवार को बाहरी राज्यों से आ रहे वाहनों की किसी प्रकार की कोई चेकिंग का बंदोबस्त नहीं था। बाहरी राज्यों से आ रहे वाहन बेरोकटोक हिमाचल में दाखिल होते हुए देखे गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
दिन और रात को लगाए जा रहे रेंडम नाके : एसपी
एसपी ऊना अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि रेंडम नाके दिन-रात लगाए जा रहे हैं। जिसमें कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा अन्य जांच पड़ताल की जाती है। अस्थायी नाकों में पुलिस किसी भी लोकेशन में खड़ी होकर रेंडम जांच करती है। ऐसे में लोगों केे पुलिस की मौजूदगी का भी पता नहीं लग पाता है। स्थायी नाके से लोग भी परेशान होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed