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Una News: हिंदूवादी संगठनों का फूटा गुस्सा, जलाया डॉक्टर का पुतला
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मैहतपुर (ऊना)। हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में निजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर के खिलाफ सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी कर उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल संचालक डॉक्टर को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठाई है। संगठनों ने चेताया कि जब तक डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, जिला स्तर पर प्रदर्शन जारी रहेंगे। इस दौरान लोगों ने आरोपी डॉक्टर का पुतला भी फूंका। स्थानीय व्यापार मंडल, युवा ब्राह्मण सभा, क्षत्रिय महासभा, परशुराम सेवा मंडल, परशुराम युवा वाहिनी समेत कई अन्य धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने पर डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई है लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने से लोग आक्रोशित हैं। लोग स्थानीय अस्पताल को स्थायी रूप से बंद करने की मांग उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि आवासीय भवन में किस प्रकार से और किसकी अनुमति से अस्पताल चल रहा था, इसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। एएसपी संजीव भाटिया ने बताया कि पुलिस की मामले पर पूरी नजर है। इसकी प्राथमिकता से जांच चल रही है। साक्ष्य जुटाने में थोड़ा समय लगता है। मामले में साइबर टीम की भी मदद ली गई है। जांच पूरी होने तक लोग संयम न खोएं।
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प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल संचालक डॉक्टर को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठाई है। संगठनों ने चेताया कि जब तक डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, जिला स्तर पर प्रदर्शन जारी रहेंगे। इस दौरान लोगों ने आरोपी डॉक्टर का पुतला भी फूंका। स्थानीय व्यापार मंडल, युवा ब्राह्मण सभा, क्षत्रिय महासभा, परशुराम सेवा मंडल, परशुराम युवा वाहिनी समेत कई अन्य धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने पर डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई है लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने से लोग आक्रोशित हैं। लोग स्थानीय अस्पताल को स्थायी रूप से बंद करने की मांग उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि आवासीय भवन में किस प्रकार से और किसकी अनुमति से अस्पताल चल रहा था, इसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। एएसपी संजीव भाटिया ने बताया कि पुलिस की मामले पर पूरी नजर है। इसकी प्राथमिकता से जांच चल रही है। साक्ष्य जुटाने में थोड़ा समय लगता है। मामले में साइबर टीम की भी मदद ली गई है। जांच पूरी होने तक लोग संयम न खोएं।
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