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Una News: आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की किल्लत दूर होगी
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सितंबर के अंत तक सिविल सप्लाई के माध्यम से होगी दवाइयों की आपूर्ति
अमर उजाला इंपैक्ट
आयुर्वेदिक अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में चल रही समस्या का होगा समाधान
वर्तमान में आरकेएस के तहत मुहैया करवाया जा रहा दवाइयों का स्टॉक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। आयुर्वेदिक अस्पतालों में सितंबर के अंत तक सिविल सप्लाई के माध्यम से दवाइयों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जो पूरी होते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जिला आयुर्वेदिक अस्पतालों व केंद्रों के लिए सिविल सप्लाई के तहत दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल दवाइयों की आपूर्ति केवल आरकेएस के माध्यम से ही हो रही है। पिछले एक वर्ष से सिविल सप्लाई बाधित रहने के कारण अस्पतालों में दवाइयों की कमी बनी हुई थी। इसका असर न केवल अस्पताल प्रबंधन पर पड़ा, बल्कि मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद विभाग हरकत में आया और आरकेएस के माध्यम से आवश्यक दवाइयों की खरीद कर तत्काल राहत दी गई। अब स्थायी समाधान के लिए सिविल सप्लाई की व्यवस्था को बहाल करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलावार अस्पतालों व केंद्रों की दवाइयों की आवश्यकता का ब्योरा तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही अस्पतालों और केंद्रों में नियमित सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके चलते आरकेएस पर दवाइयां खरीदने का बोझ कम होगा और यह बजट अस्पताल के विकास कार्यों में खर्च किया जा सकेगा।
कोट्स
सिविल सप्लाई के तहत आयुर्वेदिक अस्पतालों और केंद्रों में दवाइयों की आपूर्ति जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसके लिए मांग पत्र तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। -डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेद अधिकारी, ऊना
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अमर उजाला इंपैक्ट
आयुर्वेदिक अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में चल रही समस्या का होगा समाधान
वर्तमान में आरकेएस के तहत मुहैया करवाया जा रहा दवाइयों का स्टॉक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। आयुर्वेदिक अस्पतालों में सितंबर के अंत तक सिविल सप्लाई के माध्यम से दवाइयों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जो पूरी होते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जिला आयुर्वेदिक अस्पतालों व केंद्रों के लिए सिविल सप्लाई के तहत दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल दवाइयों की आपूर्ति केवल आरकेएस के माध्यम से ही हो रही है। पिछले एक वर्ष से सिविल सप्लाई बाधित रहने के कारण अस्पतालों में दवाइयों की कमी बनी हुई थी। इसका असर न केवल अस्पताल प्रबंधन पर पड़ा, बल्कि मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद विभाग हरकत में आया और आरकेएस के माध्यम से आवश्यक दवाइयों की खरीद कर तत्काल राहत दी गई। अब स्थायी समाधान के लिए सिविल सप्लाई की व्यवस्था को बहाल करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलावार अस्पतालों व केंद्रों की दवाइयों की आवश्यकता का ब्योरा तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही अस्पतालों और केंद्रों में नियमित सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके चलते आरकेएस पर दवाइयां खरीदने का बोझ कम होगा और यह बजट अस्पताल के विकास कार्यों में खर्च किया जा सकेगा।
कोट्स
सिविल सप्लाई के तहत आयुर्वेदिक अस्पतालों और केंद्रों में दवाइयों की आपूर्ति जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसके लिए मांग पत्र तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। -डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेद अधिकारी, ऊना
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