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Una News: नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की... से गूंजा पंडाल
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गाय और माता-पिता की सेवा ही मानव का परम धर्म : गणेश दत्त
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। चंबोआ गांव में सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य गणेश दत्त ने कहा कि जीवन में विचारों का बहुत महत्व है। अच्छे विचार रखें और परमात्मा का भजन करते रहें। उन्होंने गो माता की सेवा पर विशेष जोर दिया। कहा कि वर्तमान में गो माता पर अत्याचार हो रहा है। गाय और माता-पिता की सेवा को उन्होंने मानव का परम धर्म बताया। उन्होंने क्रोध और सहनशीलता के बारे में भी समझाया कि धर्म और मर्यादा के लिए किया गया क्रोध पुण्य बन जाता है। भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन किया। उन्होंने देवकी, वासुदेव की पीड़ा और कारावास की कठिनाइयों का जिक्र किया। कंस के अत्याचारों का वर्णन सुनकर श्रोता भावुक हो गए। श्रीकृष्ण के प्रसंग पर ..नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की.. के जय घोष से पंडाल गूंज उठा। आचार्य ने अपनी सनातनी संस्कृति का मार्गदर्शन करते हुए धर्म के प्रति निष्ठा रखने की प्रेरणा दी। भागवत कमेटी चंबोआ के प्रधान सतपाल शर्मा, ओंकार दास शास्त्री, जय लाल शर्मा, पंकज शर्मा, मोहनलाल शर्मा, डाॅ. रत्नचंद शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। महिलाओं की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। कथा के दौरान भक्ति के माहौल में महिलाएं नृत्य करती नजर आईं। सभी ने श्रीमद्भागवत कथा का आनंद लिया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान रुद्र शर्मा एवं भागवत कथा आयोजकों ने व्यासपीठ की आरती की। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद, चरण अमृत ग्रहण करने के दौरान ब्रह्म भोज का भरपूर आनंद लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। चंबोआ गांव में सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य गणेश दत्त ने कहा कि जीवन में विचारों का बहुत महत्व है। अच्छे विचार रखें और परमात्मा का भजन करते रहें। उन्होंने गो माता की सेवा पर विशेष जोर दिया। कहा कि वर्तमान में गो माता पर अत्याचार हो रहा है। गाय और माता-पिता की सेवा को उन्होंने मानव का परम धर्म बताया। उन्होंने क्रोध और सहनशीलता के बारे में भी समझाया कि धर्म और मर्यादा के लिए किया गया क्रोध पुण्य बन जाता है। भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन किया। उन्होंने देवकी, वासुदेव की पीड़ा और कारावास की कठिनाइयों का जिक्र किया। कंस के अत्याचारों का वर्णन सुनकर श्रोता भावुक हो गए। श्रीकृष्ण के प्रसंग पर ..नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की.. के जय घोष से पंडाल गूंज उठा। आचार्य ने अपनी सनातनी संस्कृति का मार्गदर्शन करते हुए धर्म के प्रति निष्ठा रखने की प्रेरणा दी। भागवत कमेटी चंबोआ के प्रधान सतपाल शर्मा, ओंकार दास शास्त्री, जय लाल शर्मा, पंकज शर्मा, मोहनलाल शर्मा, डाॅ. रत्नचंद शर्मा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। महिलाओं की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। कथा के दौरान भक्ति के माहौल में महिलाएं नृत्य करती नजर आईं। सभी ने श्रीमद्भागवत कथा का आनंद लिया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान रुद्र शर्मा एवं भागवत कथा आयोजकों ने व्यासपीठ की आरती की। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद, चरण अमृत ग्रहण करने के दौरान ब्रह्म भोज का भरपूर आनंद लिया।