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Una News: एक्सरे, एमआरआई और महंगे टेस्ट हिमकेयर में शामिल करे सरकार
Thu, 08 Oct 2026 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:33 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना का स्वास्थ्य कवर पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने तथा एआई आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है, उसका स्वागत किया जा रहा है। इस योजना का लाभ तभी सार्थक होगा जब एक्सरे, एमआरआई और महंगे टेस्ट हिमकेयर योजना में शामिल किए जाएंगे। लोगों का कहना कि हिमकेयर में स्वास्थ्य कवर को 10 लाख का करने का निर्णय स्वागत योग्य कदम है। देखने लायक बात यह कि क्या राज्य सरकार 10 लाख का कवर बढ़ाने के नाम पर आम जनता पर अनावश्यक अतिरिक्त आर्थिक बोझ तो नहीं डालती। इस मसले पर कुछ लोगों ने अपने विचार कुछ इस प्रकार रखे।
योजना को अधिक पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने की जरूरत है। 10 लाख रुपये का कवर तभी सार्थक होगा, जब मरीज को अस्पताल में भर्ती होने पर दवाइयां, एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य आवश्यक और महंगे टेस्ट हिमकेयर योजना में शामिल किए जाएं।
अस्पताल में भर्ती होने से पहले बीमारी से संबंधित आवश्यक जांचों को भी कवर किया जाना चाहिए। पैनल में आने वाले अस्पताल मरीजों को बाहर से दवाइयां, टेस्ट या मेडिकल सामग्री खरीदने के लिए मजबूर न करें।
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-पंकज सहोड़, पूर्व जिला परिषद सदस्य
अस्पतालों में सर्वर या बायोमेट्रिक जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण मरीज का इलाज नहीं रुकना चाहिए और आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। अस्पतालों के लंबित भुगतान का समयबद्ध निपटारा तथा 10 लाख का कवर बढ़ाने के नाम पर आम जनता पर अनावश्यक अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। बीमा कवर की राशि बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, मरीज को वास्तव में कैशलेस, पारदर्शी और व्यापक उपचार मिलना ही हिमकेयर की सफलता का वास्तविक पैमाना होना चाहिए।
- राजेंद्र कौर, पार्षद, नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा
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योजना को अधिक पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने की जरूरत है। 10 लाख रुपये का कवर तभी सार्थक होगा, जब मरीज को अस्पताल में भर्ती होने पर दवाइयां, एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य आवश्यक और महंगे टेस्ट हिमकेयर योजना में शामिल किए जाएं।
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अस्पताल में भर्ती होने से पहले बीमारी से संबंधित आवश्यक जांचों को भी कवर किया जाना चाहिए। पैनल में आने वाले अस्पताल मरीजों को बाहर से दवाइयां, टेस्ट या मेडिकल सामग्री खरीदने के लिए मजबूर न करें।
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-पंकज सहोड़, पूर्व जिला परिषद सदस्य
अस्पतालों में सर्वर या बायोमेट्रिक जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण मरीज का इलाज नहीं रुकना चाहिए और आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। अस्पतालों के लंबित भुगतान का समयबद्ध निपटारा तथा 10 लाख का कवर बढ़ाने के नाम पर आम जनता पर अनावश्यक अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। बीमा कवर की राशि बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, मरीज को वास्तव में कैशलेस, पारदर्शी और व्यापक उपचार मिलना ही हिमकेयर की सफलता का वास्तविक पैमाना होना चाहिए।
- राजेंद्र कौर, पार्षद, नगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा