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Una News: सरकारी पाइप मामले में विभाग और ग्रामीण हुए आमने सामने
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फोलोअप
अटया गांव में पंचवटी निर्माण के समय सड़क किनारे लगाई थी रेलिंग
ग्रामीण बोले- सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर पारदर्शिता लाए विभाग
सरकारी सामान का नियमानुसार और पूरी स्पष्टता के साथ हो उपयोग : अंजू कुमारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। उपमंडल बंगाणा की उपतहसील जोल की पंचायत अंबेहड़ा धीरज के गांव अटया में सरकारी पाइपों को लेकर विभाग और ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2021-22 में पंचवटी निर्माण के दौरान सड़क किनारे रेलिंग पर ये पाइप लगाए गए थे। बाद में स्थानीय मंदिर से जुड़े लोगों ने इन पाइपों पर झंडे भी लगा दिए, जिससे लोगों के बीच सवाल उठने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि पाइप चोरी-छिपे नहीं रखे थे, बल्कि विभाग की जानकारी में ही सार्वजनिक स्थान पर पड़े थे।
जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता रमेश चंद ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है और यह मामला उनके ज्वाइन करने से पहले का है। वहीं विभाग के एसडीओ नीरज धीमान ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2021-22 में अंबेहड़ा धीरज क्षेत्र में विभागीय कार्य चल रहा था। उस दौरान पाइप आए थे और काम पूरा होने के बाद कुछ पाइप बच गए थे। संयोग से उसी समय गांव के मंदिर में धार्मिक आयोजन होना था, इसलिए ग्रामीणों के आग्रह पर विभाग ने अस्थायी तौर पर ये पाइपें मंदिर के पास उपलब्ध करवा दिए। उन्होंने कहा कि पाइप विभाग की पूरी निगरानी में थे और बरसात के बाद होने वाले आगामी कार्यों में इनका उपयोग किया जाना था।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। यदि विभाग पहले ही स्थिति स्पष्ट कर देता, तो किसी तरह का भ्रम या विवाद पैदा नहीं होता। ग्राम पंचायत अंबेहड़ा धीरज की प्रधान अंजू कुमारी ने कहा कि भविष्य में सरकारी सामान का उपयोग नियमानुसार और पूरी स्पष्टता के साथ होना चाहिए, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
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अटया गांव में पंचवटी निर्माण के समय सड़क किनारे लगाई थी रेलिंग
ग्रामीण बोले- सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर पारदर्शिता लाए विभाग
सरकारी सामान का नियमानुसार और पूरी स्पष्टता के साथ हो उपयोग : अंजू कुमारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। उपमंडल बंगाणा की उपतहसील जोल की पंचायत अंबेहड़ा धीरज के गांव अटया में सरकारी पाइपों को लेकर विभाग और ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2021-22 में पंचवटी निर्माण के दौरान सड़क किनारे रेलिंग पर ये पाइप लगाए गए थे। बाद में स्थानीय मंदिर से जुड़े लोगों ने इन पाइपों पर झंडे भी लगा दिए, जिससे लोगों के बीच सवाल उठने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि पाइप चोरी-छिपे नहीं रखे थे, बल्कि विभाग की जानकारी में ही सार्वजनिक स्थान पर पड़े थे।
जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता रमेश चंद ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है और यह मामला उनके ज्वाइन करने से पहले का है। वहीं विभाग के एसडीओ नीरज धीमान ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2021-22 में अंबेहड़ा धीरज क्षेत्र में विभागीय कार्य चल रहा था। उस दौरान पाइप आए थे और काम पूरा होने के बाद कुछ पाइप बच गए थे। संयोग से उसी समय गांव के मंदिर में धार्मिक आयोजन होना था, इसलिए ग्रामीणों के आग्रह पर विभाग ने अस्थायी तौर पर ये पाइपें मंदिर के पास उपलब्ध करवा दिए। उन्होंने कहा कि पाइप विभाग की पूरी निगरानी में थे और बरसात के बाद होने वाले आगामी कार्यों में इनका उपयोग किया जाना था।
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ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। यदि विभाग पहले ही स्थिति स्पष्ट कर देता, तो किसी तरह का भ्रम या विवाद पैदा नहीं होता। ग्राम पंचायत अंबेहड़ा धीरज की प्रधान अंजू कुमारी ने कहा कि भविष्य में सरकारी सामान का उपयोग नियमानुसार और पूरी स्पष्टता के साथ होना चाहिए, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
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