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Una News: पंचायत समिति गगरेट के चेयरपर्सन की कुर्सी की जंग जाति विवाद की ओर मुड़ी
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पंचायत समिति चेयरपर्सन रीता धीमान ने बीना बंसल की जाति को लेकर एसडीएम से शिकायत
बीना बंसल ने रीता धीमान को भेजा कानूनी नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। पंचायत समिति गगरेट में चेयरपर्सन की कुर्सी की जंग अब जाति विवाद की ओर मुड़ गई है। पंचायत समिति की चेयरपर्सन रीता धीमान की ओर से समिति सदस्य बीना बंसल पर पंचायत प्रधान व जिला परिषद के चुनाव में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र देकर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए। एसडीएम को दिए गए शिकायत पत्र के बाद अब बीना बंसल ने रीता धीमान को कानूनी नोटिस भेजा है। हालांकि, इसी बीच समिति सदस्य फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। इस विवाद के बाद भाजपा किसे मैदान में उतारती है, इस पर सबकी नजरें गढ़ी हुई हैं। पंचायत समिति गगरेट की अध्यक्ष रीता धीमान की ओर से एसडीएम को सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि पंचायत प्रधान व जिला परिषद के चुनाव के दौरान बीना बंसल ने अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र देते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित इन सीटों पर चुनाव लड़ा और चुनाव में जीत भी दर्ज की। हालांकि, बीना बंसल ओबीसी वर्ग से हैं। अब पंचायत समिति का चेयरपर्सन पद ओबीसी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है, तो वह यहां अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं। अगर बीना बंसल ओबीसी वर्ग से हैं, तो उनका अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र कैसे बना और कैसे उन्होंने दो चुनाव इस वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर लड़े। इसे लेकर जांच की मांग रीता धीमान ने की है। इसके बाद एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम ने इसकी रिपोर्ट बीडीओ गगरेट से मांगी है। इसी बीच अब बीना बंसल ने उनकी जाति पर प्रश्न उठाकर उनकी आपराधिक मानहानि करने के चलते रीता धीमान को कानूनी नोटिस जारी किया है और एक सप्ताह में सार्वजनिक माफी न मांगने पर पचास लाख की मानहानि का दावा करने की बात कही है। अब बीना बंसल का पहले अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र कैसे बना और अब ओबीसी वर्ग का प्रमाण-पत्र क्यों बना। प्रशासन इसकी जांच में जुटा है। उधर, तहसीलदार कुलताज सिंह का कहना है कि कोई भी महिला किसी अन्य जाति में भी शादी कर लेती है तो उसकी जाति वही रहेगी, जो उसके पिता की है। शादी कर लेने से जाति नहीं बदल सकती। ऐसी कोई अधिसूचना उनके ध्यान में नहीं है। उधर, एसडीएम सौमिल गौतम का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद ही इस विषय पर कुछ कहा जा सकता है।
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बीना बंसल ने रीता धीमान को भेजा कानूनी नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। पंचायत समिति गगरेट में चेयरपर्सन की कुर्सी की जंग अब जाति विवाद की ओर मुड़ गई है। पंचायत समिति की चेयरपर्सन रीता धीमान की ओर से समिति सदस्य बीना बंसल पर पंचायत प्रधान व जिला परिषद के चुनाव में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र देकर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए। एसडीएम को दिए गए शिकायत पत्र के बाद अब बीना बंसल ने रीता धीमान को कानूनी नोटिस भेजा है। हालांकि, इसी बीच समिति सदस्य फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। इस विवाद के बाद भाजपा किसे मैदान में उतारती है, इस पर सबकी नजरें गढ़ी हुई हैं। पंचायत समिति गगरेट की अध्यक्ष रीता धीमान की ओर से एसडीएम को सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि पंचायत प्रधान व जिला परिषद के चुनाव के दौरान बीना बंसल ने अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र देते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित इन सीटों पर चुनाव लड़ा और चुनाव में जीत भी दर्ज की। हालांकि, बीना बंसल ओबीसी वर्ग से हैं। अब पंचायत समिति का चेयरपर्सन पद ओबीसी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है, तो वह यहां अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं। अगर बीना बंसल ओबीसी वर्ग से हैं, तो उनका अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र कैसे बना और कैसे उन्होंने दो चुनाव इस वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर लड़े। इसे लेकर जांच की मांग रीता धीमान ने की है। इसके बाद एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम ने इसकी रिपोर्ट बीडीओ गगरेट से मांगी है। इसी बीच अब बीना बंसल ने उनकी जाति पर प्रश्न उठाकर उनकी आपराधिक मानहानि करने के चलते रीता धीमान को कानूनी नोटिस जारी किया है और एक सप्ताह में सार्वजनिक माफी न मांगने पर पचास लाख की मानहानि का दावा करने की बात कही है। अब बीना बंसल का पहले अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र कैसे बना और अब ओबीसी वर्ग का प्रमाण-पत्र क्यों बना। प्रशासन इसकी जांच में जुटा है। उधर, तहसीलदार कुलताज सिंह का कहना है कि कोई भी महिला किसी अन्य जाति में भी शादी कर लेती है तो उसकी जाति वही रहेगी, जो उसके पिता की है। शादी कर लेने से जाति नहीं बदल सकती। ऐसी कोई अधिसूचना उनके ध्यान में नहीं है। उधर, एसडीएम सौमिल गौतम का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद ही इस विषय पर कुछ कहा जा सकता है।