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आईएसबीटी ऊना के दुकानदार किराया माफी के लिए हड़ताल पर बैठे
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ऊना बस स्टैंड में दुकाने बंद कर धरने पर बैठे दुकानदार।संवाद
- फोटो : Una
ऊना। आईएसबीटी ऊना के दुकानदारों ने किराया कम करने की मांग को लेकर दुकानें बंद आंदोलन शुरू कर दिया है। दुकानदार कोरोना मंदी से बने विकट आर्थिक हालात का हवाला देकर किराया माफ करने की मांग कर रहे हैं।
आईएसबीटी ऊना में दुकानें चला रहे दुकानदारों का कहना है कि लंबे अरसे से लेकर किराया नहीं निकाल पा रहे हैं। नवंबर 2019 में आईसीबीटी का लोकार्पण हुआ था। इसके करीब चार महीने बाद ही कोविड के चलते पूरी तरह से कारोबार चौपट हो गया है। वर्तमान में यहां किराया 40, 50, 70 व 80 हजार रुपये तक है। सरकार द्वारा बार-बार लगाई गई बंदिशों के कारण उन्हें अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ी। दूसरी तरफ आईएसबीटी में लोगों की आवाजाही भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि आईएसबीटी प्रबंधन वर्ग के साथ बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकल पाया है। इससे अब दुकानदारों ने दुकानें बंद कर आंदोलन का निर्णय लिया है।
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इस मौके पर दुकानदारों में ईशान ओहरी, ओम प्रकाश, जस्सा, नरेश, विजय सिंह, पवन, कुलदीप चंद व आकाश ने कहा कि इस मामले को प्रशासन के समक्ष भी उठाया जाएगा। कहा कि मांग पूरी न होने तक दुकानें बंद रखी जाएगी।
उन्होंने मांग उठाई है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोरोना मुक्ति की घोषणा तक 75 फीसदी किराया माफ किया जाए। उधर, आईएसबीटी का संचालन करने वाले एमआरसी ग्रुप के महाप्रबंधक प्रवेश शर्मा का कहना है कि हमारी कंपनी खुद घाटे में चल रही है। कंपनी की तरफ से एक साल का किराया माफ कर दिया गया है। अब कंपनी इससे अधिक किराया माफ नहीं कर सकती है। अगर कोई दुकानदार दुकान छोड़ना चाहता है तो दुकान छोड़ सकता है। दुकानों का किराया माफ करना संभव नहीं है।
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आईएसबीटी ऊना में दुकानें चला रहे दुकानदारों का कहना है कि लंबे अरसे से लेकर किराया नहीं निकाल पा रहे हैं। नवंबर 2019 में आईसीबीटी का लोकार्पण हुआ था। इसके करीब चार महीने बाद ही कोविड के चलते पूरी तरह से कारोबार चौपट हो गया है। वर्तमान में यहां किराया 40, 50, 70 व 80 हजार रुपये तक है। सरकार द्वारा बार-बार लगाई गई बंदिशों के कारण उन्हें अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ी। दूसरी तरफ आईएसबीटी में लोगों की आवाजाही भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
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उन्होंने कहा कि आईएसबीटी प्रबंधन वर्ग के साथ बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकल पाया है। इससे अब दुकानदारों ने दुकानें बंद कर आंदोलन का निर्णय लिया है।
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इस मौके पर दुकानदारों में ईशान ओहरी, ओम प्रकाश, जस्सा, नरेश, विजय सिंह, पवन, कुलदीप चंद व आकाश ने कहा कि इस मामले को प्रशासन के समक्ष भी उठाया जाएगा। कहा कि मांग पूरी न होने तक दुकानें बंद रखी जाएगी।
उन्होंने मांग उठाई है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोरोना मुक्ति की घोषणा तक 75 फीसदी किराया माफ किया जाए। उधर, आईएसबीटी का संचालन करने वाले एमआरसी ग्रुप के महाप्रबंधक प्रवेश शर्मा का कहना है कि हमारी कंपनी खुद घाटे में चल रही है। कंपनी की तरफ से एक साल का किराया माफ कर दिया गया है। अब कंपनी इससे अधिक किराया माफ नहीं कर सकती है। अगर कोई दुकानदार दुकान छोड़ना चाहता है तो दुकान छोड़ सकता है। दुकानों का किराया माफ करना संभव नहीं है।