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Una News: औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में कई सालों से दुकानों के शटर बंद
Fri, 28 Aug 2026 12:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:15 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में अस्थायी खोखेनुमा दुकानों को सरकार द्वारा निर्मित पक्की दुकानों में शिफ्ट करने की योजना लंबा समय बीतने के बाद भी धरातल पर साकार नहीं हो पाई है। हैरत की बात यह है कि इन दुकानों को बने हुए छह से सात साल का लंबा समय बीत चुका है, मगर अभी भी इन सरकारी पक्की दुकानों के शटर बंद पड़े हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों के बाहर अस्थायी तौर पर खोखेनुमा दुकानें बिना रोक टोक के आज भी चल रही हैं, जिसे लेकर उद्योग विभाग तथा जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौन है। लगभग 14 से 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित पक्की दुकानों का निर्माण उद्योग विभाग ने एचपीएसआईडीसी ( हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड) के माध्यम से करवाया था। सूत्रों के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में उद्योगों के बाहर लगाई गई अस्थायी चाय की दुकानों तथा ढाबों के आजू-बाजू ही इन पक्की दुकानों का निर्माण करवाया गया है, लेकिन इन दुकानों का आवंटन आज तक न होने से उद्योग विभाग तथा एचपीएसआईडीसी लिमिटेड की कारगुजारी पर सवालिया निशान लग रहे हैं। इन दुकानों के निर्माण तथा स्थान को लेकर भी दिक्कतें आ रही हैं, क्योंकि यहां अस्थायी खोखों को धीरे धीरे कर पक्का किया जा रहा है। खोखा धारकों के लिए इन दुकानों में अपना कारोबार शिफ्ट करना उनके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करके भी इन दुकानों का कोई लाभ नहीं मिल पाया है, लिहाजा ये दुकानें सरकारी धन की फिजूलखर्ची की कहानी बयां करती दिख रही है।
एचपीएससीआईडीसी के सहायक अभियंता खेमराज ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में विकास के कार्य करवाते हैं। उसी के अंतर्गत मैहतपुर में भी नौ पक्की दुकानों का निर्माण हुआ है, जिस पर लगभग 14 से 15 लाख रुपये खर्च आया है। इनकी अलॉटमेंट का काम डीआईसी करता है। हमने दुकानें निर्मित करके उन्हें चाबियां सौंप दी हैं बाकी का काम उद्योग विभाग का है।
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औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों के बाहर अस्थायी तौर पर खोखेनुमा दुकानें बिना रोक टोक के आज भी चल रही हैं, जिसे लेकर उद्योग विभाग तथा जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौन है। लगभग 14 से 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित पक्की दुकानों का निर्माण उद्योग विभाग ने एचपीएसआईडीसी ( हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड) के माध्यम से करवाया था। सूत्रों के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र मैहतपुर में उद्योगों के बाहर लगाई गई अस्थायी चाय की दुकानों तथा ढाबों के आजू-बाजू ही इन पक्की दुकानों का निर्माण करवाया गया है, लेकिन इन दुकानों का आवंटन आज तक न होने से उद्योग विभाग तथा एचपीएसआईडीसी लिमिटेड की कारगुजारी पर सवालिया निशान लग रहे हैं। इन दुकानों के निर्माण तथा स्थान को लेकर भी दिक्कतें आ रही हैं, क्योंकि यहां अस्थायी खोखों को धीरे धीरे कर पक्का किया जा रहा है। खोखा धारकों के लिए इन दुकानों में अपना कारोबार शिफ्ट करना उनके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करके भी इन दुकानों का कोई लाभ नहीं मिल पाया है, लिहाजा ये दुकानें सरकारी धन की फिजूलखर्ची की कहानी बयां करती दिख रही है।
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एचपीएससीआईडीसी के सहायक अभियंता खेमराज ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में विकास के कार्य करवाते हैं। उसी के अंतर्गत मैहतपुर में भी नौ पक्की दुकानों का निर्माण हुआ है, जिस पर लगभग 14 से 15 लाख रुपये खर्च आया है। इनकी अलॉटमेंट का काम डीआईसी करता है। हमने दुकानें निर्मित करके उन्हें चाबियां सौंप दी हैं बाकी का काम उद्योग विभाग का है।
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