ऊना। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल के हितों की रक्षा डबल इंजन की सरकार नहीं कर पाई है और जयराम सरकार प्रदेश हितों पर कुठाराघात कर रही है। जिसके चलते यह सरकार विफल व नाकाम साबित हो रही है। मुकेश ने कहा कि प्रदेश हित के बड़े मसलों पर केंद्र से अधिकार लेने में जिस प्रकार हिमाचल को मुंह की खानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि तीन वर्षों में दिल्ली के चक्कर कितने लगे और उनसे प्रदेश को लाभ क्या हुआ है। मुकेश ने कहा कि बेहतर होता कि मुख्यमंत्री दिल्ली के एक चक्कर में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर लेते और उनसे 69 राज्य मार्गों, जल परिवहन पर भी पूछ लेते कि आखिर चुनावों से पहले घोषणाएं धरातल पर क्यों नहीं उतरी हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री भूल गए हैं, तो याद करवा देते हैं कि हमीरपुर में नितिन गडकरी करोड़ों के एनएच, फ्लाईओवर, लठियाणी मंदली पुल जैसे बड़े वादे कर गए थे। तीन वर्ष के बाद वे वादे हकीकत क्यों नहीं बने, क्या सिर्फ चुनावी घोषणाएं थी। उन्होंने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी भाजपा नेताओं के आपसी विवाद के कारण नहीं बन पा रही है। इसके लिए वीरभद्र सरकार ने भूमि भी दे दी है। उन्होंने कहा कि रेल योजनाओं पर काम धीमे हैं और अब तो मुख्यमंत्री भी 100 फीसदी पैसा मांग रहे हैं और केंद्र दे नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जहां भूमि अधिग्रहण कर रही है, उसके लिए किसान व भूमि मालिक को फेक्टर दो के तहत चार गुणा कीमत दी जानी चाहिए। बस के किराये, बिजल के रेट, मीटर लगाने के दाम में सरकार ने काफी वृद्धि की। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले पंचायत प्रतिनिधियों को बर्खास्त किया जा रहा है, जो सिर्फ राजनीति है, जिसका वह विरोध करते हैं। पंचायतों में आरक्षण में सरकारी दबाव से राजनीति की जा रही है।