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Una News: मलेरिया से बचाव के लिए लोगों को किया जागरूक
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खून की जांच करवा कर होती है मलेरिया की सही पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में विश्व मलेरिया दिवस पर शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अस्पताल के समस्त सफाई कर्मचारी, नर्सिंग छात्राएं, गर्भवती माताएं और जनता को जागरूक किया गया। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी शारदा सारस्वत ने उपस्थित समस्त समूह को बताया कि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो सालों से लोगों को अपना शिकार बनाती आई है। हर साल भारत समेत पूरी दुनिया में लाखों लोग मलेरिया से पीड़ित होते हैं। यह एक जानलेवा बीमारी है। मलेरिया की बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है। यह मादा एनाफिलिज मच्छर के जरिये इंसानों के बीच फैलती है। मलेरिया प्लाजमोडियम विवेक्स नाम के वायरस के कारण होता है। जिला स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण ने बताया कि इस रोग में मरीज को सर्दी लगकर कंपकंपी से 103 डिग्री या इससे अधिक बुखार आता है। यह मच्छर खड़े पानी में प्रजनन करता है तथा रात के समय काटता है। इससे बचने के लिए खड़े पानी की निकासी का होना अत्यंत जरूरी है। मलेरिया से बचाव व इलाज दोनों संभव है। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। खून की जांच करवा कर मलेरिया की सही पहचान होती है। इस अवसर पर कंचन माला, रघुवीर कौर, पायल पुरी उपस्थित रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में विश्व मलेरिया दिवस पर शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अस्पताल के समस्त सफाई कर्मचारी, नर्सिंग छात्राएं, गर्भवती माताएं और जनता को जागरूक किया गया। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी शारदा सारस्वत ने उपस्थित समस्त समूह को बताया कि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो सालों से लोगों को अपना शिकार बनाती आई है। हर साल भारत समेत पूरी दुनिया में लाखों लोग मलेरिया से पीड़ित होते हैं। यह एक जानलेवा बीमारी है। मलेरिया की बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है। यह मादा एनाफिलिज मच्छर के जरिये इंसानों के बीच फैलती है। मलेरिया प्लाजमोडियम विवेक्स नाम के वायरस के कारण होता है। जिला स्वास्थ्य शिक्षक गोपाल कृष्ण ने बताया कि इस रोग में मरीज को सर्दी लगकर कंपकंपी से 103 डिग्री या इससे अधिक बुखार आता है। यह मच्छर खड़े पानी में प्रजनन करता है तथा रात के समय काटता है। इससे बचने के लिए खड़े पानी की निकासी का होना अत्यंत जरूरी है। मलेरिया से बचाव व इलाज दोनों संभव है। कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। खून की जांच करवा कर मलेरिया की सही पहचान होती है। इस अवसर पर कंचन माला, रघुवीर कौर, पायल पुरी उपस्थित रहीं।