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कमाई के चक्कर में ‘मौत’ का सफर
ब्यूरो/अमर उजाला/मुबारिकपुर
Updated Sun, 07 Aug 2016 11:54 PM IST
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बस की छत पर सफर करते मुसाफिर।
- फोटो : अमर उजाला
चिंतपूर्णी मेले के दौरान यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निजी बस ऑपरेटर तो मनमानी पर उतारू हैं ही, सरकारी बस चालक भी पीछे नहीं। रविवार को लोग जान की परवाह किए बगैर बसों की छतों पर सफर करते दिखे। ऐसे बस चालकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यातायात नियमों को सरेआम ठेंगा दिखाया गया। हालांकि, बसों की छत पर सफर करना कानूनन जुर्म है, लेकिन फिर भी यात्रियों को मात्र पैसे की खातिर मौत का सफर करवाया जा रहा है।
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प्रशासन की ओर से ऐसे चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। रविवार के दिन निजी, सरकारी और पंजाब रोडवेज की बसों में सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी जा रही थीं। इतना ही नहीं, बसों के ओवरलोड होने के बावजूद कई लोग बस की सीढ़ियों पर लटकते हुए दिखे। गौरतलब है कि चिंतपूर्णी मेले में आजकल भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुबारिकपुर में बसें खचाखच भरी जा रही हैं। अब सवाल यह उठता है कि अगर कोई सड़क हादसा होता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?
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पुलिस प्रशासन ऐसे चालकों के चालान करने के तो बड़े-बड़े दावे करता है लेकिन चालकों की इस मनमाने के आगे पुलिस भी बेबस दिखी। मुबारिकपुर में बसों में पैर धरने लाइक जगह न होने के बावजूद परिचालक धड़ाधड़ सवारियां बैठाते देखे गए। सरेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। उधर, मेला अधिकारी एएसपी मदन लाल कौशल का कहना है कि ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों और परिचालकों के खिलाफ सख्ती से निपटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
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