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Una News: ऊना में रक्तदान के शुल्क पर संस्था ने उठाए सवाल
Sun, 05 May 2024 01:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 05 May 2024 01:35 AM IST
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ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जरूरतमंदों के लिए रक्त का शुल्क लेने को गलत ठहराया गया है। इस संबंध में राहत की मांग समाजसेवी संस्था के पदाधिकारियों ने की है। शनिवार को ऊना अस्पताल और निजी अस्पतालों में जरूरतमंदों को रक्त वितरण से पूर्व शुल्क लेने के संबंध में संस्था ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष मुद्दा उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एसके वर्मा एवं ऊना अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक संजय मनकोटिया को सौंपा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस दिशा में उचित समाधान का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया है। ब्लड लायंस एवं सोशल वेलफेयर समिति बसदेहड़ा के पदाधिकारियों में शनिवार को प्रधान संदीप कुमार की अगुवाई में कई पदाधिकारियों ने ऊना अस्पताल एवं निजी अस्पतालों में रक्त की जरूरत पड़ने पर लिए जा रहे शुल्क पर एतराज जताया। संदीप कुमार ने बताया कि उनकी संस्था वर्षों से क्षेत्र में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त प्रदान करती है। कई बार ऊना अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी पाई जाने पर कैंप लगाकर इसे बढ़ाने में सहयोग किया, लेकिन यह खेद का विषय है, जब मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है, तो क्षेत्रीय एवं निजी अस्पतालों के तहत शुल्क लिया जाता है। ऊना अस्पताल में भर्ती मरीज से रक्त की जरूरत पर करीब 120 तो निजी अस्पताल में किसी जरूरतमंद को ब्लड बैंक से रक्त लेने पर 1450 रुपये का शुल्क अदा करना पड़ता है, जबकि रक्तदानी निशुल्क रूप से मरीजों की जान बचाने के लिए रक्त का महादान करते हैं। ऐसी व्यवस्था काफी मतभेद पैदा कर रही है, इसलिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों के रक्त वितरण के शुल्क में भारी अंतर का स्पष्टीकरण स्वास्थ्य विभाग जनता के सामने दे, ताकि आमजन सहित रक्तदान की सेवा करने वाले सेवादारों को भी पूरी सच्चाई पता लग सके। इस मौके पर संस्था के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सचित्र
कई मामलों में जरूरतमंद मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने में यह निशुल्क रहता है। इसमें सड़क हादसा, कैंसर, गर्भवती बीपीएल, एक साल तक बच्चा आदि कुछ बीमारियों के मरीजों को निशुल्क सुविधा है। शुल्क रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी ने तय किया है। समिति की आगामी बैठक में इस संबंध में राहत देने के लिए प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। निजी अस्पतालों के संबंध में भी विचार कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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-संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, ऊना अस्पताल
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प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एसके वर्मा एवं ऊना अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक संजय मनकोटिया को सौंपा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस दिशा में उचित समाधान का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया है। ब्लड लायंस एवं सोशल वेलफेयर समिति बसदेहड़ा के पदाधिकारियों में शनिवार को प्रधान संदीप कुमार की अगुवाई में कई पदाधिकारियों ने ऊना अस्पताल एवं निजी अस्पतालों में रक्त की जरूरत पड़ने पर लिए जा रहे शुल्क पर एतराज जताया। संदीप कुमार ने बताया कि उनकी संस्था वर्षों से क्षेत्र में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त प्रदान करती है। कई बार ऊना अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की कमी पाई जाने पर कैंप लगाकर इसे बढ़ाने में सहयोग किया, लेकिन यह खेद का विषय है, जब मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है, तो क्षेत्रीय एवं निजी अस्पतालों के तहत शुल्क लिया जाता है। ऊना अस्पताल में भर्ती मरीज से रक्त की जरूरत पर करीब 120 तो निजी अस्पताल में किसी जरूरतमंद को ब्लड बैंक से रक्त लेने पर 1450 रुपये का शुल्क अदा करना पड़ता है, जबकि रक्तदानी निशुल्क रूप से मरीजों की जान बचाने के लिए रक्त का महादान करते हैं। ऐसी व्यवस्था काफी मतभेद पैदा कर रही है, इसलिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों के रक्त वितरण के शुल्क में भारी अंतर का स्पष्टीकरण स्वास्थ्य विभाग जनता के सामने दे, ताकि आमजन सहित रक्तदान की सेवा करने वाले सेवादारों को भी पूरी सच्चाई पता लग सके। इस मौके पर संस्था के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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कई मामलों में जरूरतमंद मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने में यह निशुल्क रहता है। इसमें सड़क हादसा, कैंसर, गर्भवती बीपीएल, एक साल तक बच्चा आदि कुछ बीमारियों के मरीजों को निशुल्क सुविधा है। शुल्क रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी ने तय किया है। समिति की आगामी बैठक में इस संबंध में राहत देने के लिए प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। निजी अस्पतालों के संबंध में भी विचार कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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-संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, ऊना अस्पताल