हिमाचल में बड़ा हादसा: अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, मां-बेटी समेत छह महिला कामगार जिंदा जलीं, 14 झुलसे
अवैध पटाखा फैक्टरी में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे विस्फोट के बाद आग लगने से मां-बेटी समेत छह महिला कामगार जिंदा जल गईं, जबकि 14 अन्य झुलस गए हैं। गंभीर घायल 11 कामगार पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किए गए,। जबकि तीन का इलाज क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहा है।
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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में हरोली उपमंडल के तहत बाथू में एक अवैध पटाखा फैक्टरी में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे विस्फोट होने से मां-बेटी समेत छह महिला कामगार जिंदा जल गईं, जबकि 14 अन्य झुलस गए हैं। गंभीर घायल 11 कामगार पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किए गए, जबकि तीन का इलाज क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहा है। घायलों में 12 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 286, 304ए व एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद फैक्टरी संचालक मौके से फरार हैं। मृतकों में तीन यूपी, दो पंजाब व एक स्थानीय महिला शामिल है।
फैक्टरी कब से चल रही थी, इसकी जिला प्रशासन को भी जानकारी नहीं है। उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया एसडीएम हरोली विकास शर्मा को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम को एक्सपलोसिव एक्ट 1884 की धारा 9(2) की शक्तियों को इस्तेमाल करने के साथ नियम 128 के तहत तलाशी लेने तथा सामग्री को जब्त करने का अधिकार होगा। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से बारूद बनाने का सामान और फैक्टरी को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके की जांच के लिए आरएफएसएल टीम और विस्फोटक सामग्री की जांच के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया है।
इस संबंध में एसपी अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि केस दर्जकर लिया गया है। सभी पहलुओं को ध्यान रखकर जांच की जा रही है। डीसी राघव शर्मा ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने गंभीर घायलों को 15 हजार व मामूली घायलों को पांच हजार रुपये की फौरी राहत दी है। घटना की जानकारी मिलते ही हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, एसपी अर्जित सेन ठाकुर, एसडीएम हरोली विकास शर्मा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अंशुल धीमान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इनकी हुई मौत
मृतकों में अखतरी (45) पत्नी अनवर हुसैन, अनवता पुत्री अनवर हुसैन निवासी डाकघर बिलासपुर जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश) मौजूदा रिहायश संतोषगढ़, शाईन पुत्री नैन डाकघर फतेहगंज डाकघर मरिगंज जिला बरेली (उत्तर प्रदेश), मोनिका (37) पत्नी दीपक निवासी बाथड़ी तहसील हरोली जिला ऊना, रजनी पुत्री करतार चंद डाकघर डल्लेवाल गढ़शंकर पंजाब और सुनीता (32) पत्नी करतार चंद डाकघर भंगला तहसील नंगल पंजाब शामिल हैं।
ये हुए घायल
घायलों में नरसारा, लसराय, हसगिरी, जोशी, नसलीन, ईजरात, शकीला, असमन, नफीजा, मुस्कान, जाफिरी, फराह, प्रवीण निवासी संतोषगढ़ व इजराइल निवासी बाथड़ी ऊना शामिल हैं।
पीएमओ ने की मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख देने की घोषणा, पीएम ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने भी ट्वीट कर मामले में दुख व्यक्त किया है। पीएमओ ने मृतक महिलाओं के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की।
Rs 2 lakh each from Prime Minister's National Relief Fund will be given to the next of kin of those who lost their lives in the tragic factory mishap in Himachal Pradesh. Rs 50,000 will be given to the injured: Prime Minister's Office
— ANI (@ANI) February 22, 2022
ऊना में विस्फोट मामले की न्यायिक जांच जरूरी: मुकेश
वहीं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को ऊना विस्फोट में छह लोगों के मारे जाने और 15 लोग झुलसने के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुखद घटना है। बारूद का कारखाना स्थापित करने की मंजूरी किसने दी। इस कारखाने को बिजली और पानी का कनेक्शन कैसे मिला। इसका कांग्रेस न्यायिक जांच की मांग करती है। यह सीधे हत्या का मामला है और इसके दोषी लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश ने कहा कि ऊना जिले में यह कारखाना कैसे स्थापित हुआ और बारूद का ढेर कैसे लगाया गया। बारूद का लाइसेंस नहीं लिया गया। बिजली और पानी के मीटर नहीं लिए गए हैं। इन पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। न्यायिक जांच करके दोषी लोगों को सलाखों के पीछे डाला जाए। ऊना में प्रशासन और पुलिस नहीं है। यहां कभी कार्रवाई नहीं होती है।