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Una News: भ्रष्टाचार मामले में महेश यादव को फिलहाल राहत, हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत रखी बरकरार
Tue, 11 Aug 2026 12:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:16 AM IST
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गगरेट(ऊना )। गगरेट पुलिस थाना में दर्ज धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा के पूर्व सहायक महेश यादव को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने 3 अगस्त को दी गई उनकी अंतरिम जमानत को 25 अगस्त तक बरकरार रखने के आदेश दिए हैं, लेकिन जांच में पूरा सहयोग करने की कड़ी हिदायत भी दी है।
सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजन काहोल ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता जांच में शामिल तो हुआ है, लेकिन जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा। विशेष रूप से उत्तराखंड में फ्लैट/प्लॉट की खरीद-फरोख्त से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न करवाए जाने से जांच पूरी करने में परेशानी आ रही है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एनएस चंदेल ने कहा कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाए जाएंगे। अदालत को यह भी बताया गया कि शिकायतकर्ता ने आरोपियों के साथ समझौता कर लिया है और कथित तौर पर ली गई रकम वापस मिलने के बाद इस संबंध में शपथपत्र भी दिया है।
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हाईकोर्ट ने जांच लंबित होने के कारण अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदलने से इनकार किया और महेश यादव को जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच में सहयोग नहीं करने पर अंतरिम संरक्षण वापस लिया जा सकता है।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजन काहोल ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता जांच में शामिल तो हुआ है, लेकिन जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा। विशेष रूप से उत्तराखंड में फ्लैट/प्लॉट की खरीद-फरोख्त से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न करवाए जाने से जांच पूरी करने में परेशानी आ रही है।
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याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एनएस चंदेल ने कहा कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करवाए जाएंगे। अदालत को यह भी बताया गया कि शिकायतकर्ता ने आरोपियों के साथ समझौता कर लिया है और कथित तौर पर ली गई रकम वापस मिलने के बाद इस संबंध में शपथपत्र भी दिया है।
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हाईकोर्ट ने जांच लंबित होने के कारण अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में बदलने से इनकार किया और महेश यादव को जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच में सहयोग नहीं करने पर अंतरिम संरक्षण वापस लिया जा सकता है।