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भूकंपरोधी भवन निर्माण की तकनीकों को अपनाना जरूरी : हेमंत
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के अध्यक्ष एवं उपायुक्त जतिन लाल के निर्देशानुसार शनिवार को डीआरडीए ऊना सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस एवं समर्थ 2025 जन-जागरूकता अभियान के तहत हुई।
कार्यशाला में सिविल अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कुमार विनायक ने भूकंपरोधी भवन निर्माण की तकनीकों, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक राजन शर्मा ने बताया कि ऊना जिला भूकंप के जोन-4 और 5 में आता है, इसलिए सुरक्षित भवन निर्माण तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय भवन संहिता और सुरक्षा मानकों के पालन पर बल दिया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के तकनीकी अधिकारी, अभियंता, योजनाकार और आपदा मित्र मौजूद रहे।
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ऊना। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के अध्यक्ष एवं उपायुक्त जतिन लाल के निर्देशानुसार शनिवार को डीआरडीए ऊना सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस एवं समर्थ 2025 जन-जागरूकता अभियान के तहत हुई।
कार्यशाला में सिविल अभियांत्रिकी विभाग, एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कुमार विनायक ने भूकंपरोधी भवन निर्माण की तकनीकों, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक राजन शर्मा ने बताया कि ऊना जिला भूकंप के जोन-4 और 5 में आता है, इसलिए सुरक्षित भवन निर्माण तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय भवन संहिता और सुरक्षा मानकों के पालन पर बल दिया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के तकनीकी अधिकारी, अभियंता, योजनाकार और आपदा मित्र मौजूद रहे।
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