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Una News: जिले में 217 घरों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय का नहीं हुआ निर्माण
Mon, 19 Aug 2024 02:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 19 Aug 2024 02:59 AM IST
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गांव-देहात में अभी भी कई घर शौचालय के अभाव में खुले में शौच जाने के लिए विवश
सबसे ज्यादा हरोली में 120 और सदर ऊना में 53 घरों में नहीं व्यक्तिगत घरेलू शौचालय
जसवीर ठाकुर
ऊना। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ऊना जिले में 217 घरों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) का निर्माण नहीं हो पाया है। गांव-देहात में अभी भी कई घर ऐसे हैं, जिनके सदस्य शौचालय के अभाव में खुले में शौच जाने के लिए विवश हैं।
भले ही ग्रामीण विकास विभाग को 4823 शौचालय का निर्माण करने का लक्ष्य दिया गया है, जिनमें से 4606 का निर्माण किया गया है। इस प्रकार जिला में 94.52 प्रतिशत शौचालय का निर्माण पूरा किया जा चुका है। सरकार से 578.70 लाख रुपये मंजूर हुए हैं, जिनमें से 473.16 लाख रुपये खर्च किए गए हैं और अभी 81.75 लाख रुपये खर्च किए जाने शेष हैं। इसके तहत ऊना जिला के विकास खंड हरोली में सबसे ज्यादा 120 शौचालय का अभी निर्माण होना बाकी है, जबकि ऊना सदर में भी 53, गगरेट में 15, बंगाणा में 13 और अंब में 16 शौचालय का निर्माण होना शेष है। अगर बात सामुदायिक शौचालय की करें, तो ऊना जिले में अभी तक 145 शौचालयों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि विभाग को 495 सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जाना मंजूर हुआ है। इनमें से 337 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें सरकार की ओर से 1485 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। इनमें से 643.61 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और 43.34 फ़ीसदी खर्च हुआ है। बात करें तो बंगाणा विकास खंड में सबसे ज्यादा 94 सामुदायिक शौचालय का निर्माण हो चुका है, जबकि अंब में 46, गगरेट में 59, हरोली में 67 और सदर ऊना में 71 सामुदायिक स्थलों का निर्माण पूरा हो गया है। हरोली में 56 सबसे ज्यादा सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना लंबित है। ऊना सदर में 44, गगरेट में एक, बंगाणा में 26 और अंब में 18 शौचालय का निर्माण होना लंबित है। इतना ही नहीं, बल्कि जिला में 13 जगह पर सामुदायिक शौचालय का अभी तक निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। इनमें अंब में आठ और सदर ऊना में पांच शामिल हैं।
डीआरडीए ऊना परियोजना अधिकारी शेफाली शर्मा के अनुसार व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण कार्य जल्द ही दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और विभाग की ओर से जो 4823 शौचालय का निर्माण करने का लक्ष्य दिया गया है, उसे तय समय अवधि में पूरा करने की दिशा में विभाग प्रयासरत है। सामुदायिक शौचालय में 13 जगह पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस दिशा में जल्द ही संबंधित विकास खंड अधिकारियों से संपर्क करके निर्माण कार्य शुरू करवाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि लोगों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत सुविधा का लाभ मिल सके।
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क्या है योजना का लक्ष्य
ऐसे परिवारों को मिशन के तहत 12000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य खुले में शौच को बंद करते हुए स्वच्छता को बढ़ावा देना है। ग्रामीण सामान्य जीवन के स्तर को सुधारने के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूरक करना और पर्यावरणीय स्वच्छता का विकास करना है।
योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनके घर में पहले से शौचालय नहीं बना हुआ है। आवेदन करने वाले के पास आय प्रमाणपत्र और आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड का होना अनिवार्य है। योजना का लाभ केवल गरीबी रेखा से नीचे के लोग ले सकते हैं।
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सबसे ज्यादा हरोली में 120 और सदर ऊना में 53 घरों में नहीं व्यक्तिगत घरेलू शौचालय
जसवीर ठाकुर
ऊना। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ऊना जिले में 217 घरों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) का निर्माण नहीं हो पाया है। गांव-देहात में अभी भी कई घर ऐसे हैं, जिनके सदस्य शौचालय के अभाव में खुले में शौच जाने के लिए विवश हैं।
भले ही ग्रामीण विकास विभाग को 4823 शौचालय का निर्माण करने का लक्ष्य दिया गया है, जिनमें से 4606 का निर्माण किया गया है। इस प्रकार जिला में 94.52 प्रतिशत शौचालय का निर्माण पूरा किया जा चुका है। सरकार से 578.70 लाख रुपये मंजूर हुए हैं, जिनमें से 473.16 लाख रुपये खर्च किए गए हैं और अभी 81.75 लाख रुपये खर्च किए जाने शेष हैं। इसके तहत ऊना जिला के विकास खंड हरोली में सबसे ज्यादा 120 शौचालय का अभी निर्माण होना बाकी है, जबकि ऊना सदर में भी 53, गगरेट में 15, बंगाणा में 13 और अंब में 16 शौचालय का निर्माण होना शेष है। अगर बात सामुदायिक शौचालय की करें, तो ऊना जिले में अभी तक 145 शौचालयों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि विभाग को 495 सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जाना मंजूर हुआ है। इनमें से 337 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें सरकार की ओर से 1485 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। इनमें से 643.61 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और 43.34 फ़ीसदी खर्च हुआ है। बात करें तो बंगाणा विकास खंड में सबसे ज्यादा 94 सामुदायिक शौचालय का निर्माण हो चुका है, जबकि अंब में 46, गगरेट में 59, हरोली में 67 और सदर ऊना में 71 सामुदायिक स्थलों का निर्माण पूरा हो गया है। हरोली में 56 सबसे ज्यादा सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना लंबित है। ऊना सदर में 44, गगरेट में एक, बंगाणा में 26 और अंब में 18 शौचालय का निर्माण होना लंबित है। इतना ही नहीं, बल्कि जिला में 13 जगह पर सामुदायिक शौचालय का अभी तक निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। इनमें अंब में आठ और सदर ऊना में पांच शामिल हैं।
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डीआरडीए ऊना परियोजना अधिकारी शेफाली शर्मा के अनुसार व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण कार्य जल्द ही दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और विभाग की ओर से जो 4823 शौचालय का निर्माण करने का लक्ष्य दिया गया है, उसे तय समय अवधि में पूरा करने की दिशा में विभाग प्रयासरत है। सामुदायिक शौचालय में 13 जगह पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस दिशा में जल्द ही संबंधित विकास खंड अधिकारियों से संपर्क करके निर्माण कार्य शुरू करवाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि लोगों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत सुविधा का लाभ मिल सके।
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क्या है योजना का लक्ष्य
ऐसे परिवारों को मिशन के तहत 12000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य खुले में शौच को बंद करते हुए स्वच्छता को बढ़ावा देना है। ग्रामीण सामान्य जीवन के स्तर को सुधारने के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूरक करना और पर्यावरणीय स्वच्छता का विकास करना है।
योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनके घर में पहले से शौचालय नहीं बना हुआ है। आवेदन करने वाले के पास आय प्रमाणपत्र और आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड का होना अनिवार्य है। योजना का लाभ केवल गरीबी रेखा से नीचे के लोग ले सकते हैं।