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Una News: बैंड बाजे के साथ विभोर सतलुज घाट पर हुआ गणपति विसर्जन
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शनिवार को पंजगाटडा घाट पर दिखी गणपति के भक्तों की भीड़
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। पिछले दस दिनों तक घरों व मंदिरों में विराजमान गणपति बप्पा का शनिवार को बैंड-बाजे के साथ विसर्जन किया गया। ऊना, रक्कड़, बहडाला, मैहतपुर, रायपुर सहोडा, नया नंगल, अजौली, छत्रपुर आदि स्थानों से भक्त झांकी रूप में गणपति को विभौर के सतलुज घाट तक लाए और नाव के जरिए बीच दरिया में विसर्जन किया। पूरे दिन भक्त आरती, लड्डू प्रसाद व भंडारे में शामिल होते रहे।
27 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर स्थापित गणपति की दस दिन पूजन-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लेकर उन्हें विदाई दी। भाखड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के बावजूद आस्था में कमी नहीं आई और लोग निडर होकर विसर्जन करते दिखे। रायपुर सहोडा के पंडित नरेश कुमार ने कहा कि अब यह पर्व उत्तर भारत में भी उत्साहपूर्वक मनाया जाने लगा है।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। पिछले दस दिनों तक घरों व मंदिरों में विराजमान गणपति बप्पा का शनिवार को बैंड-बाजे के साथ विसर्जन किया गया। ऊना, रक्कड़, बहडाला, मैहतपुर, रायपुर सहोडा, नया नंगल, अजौली, छत्रपुर आदि स्थानों से भक्त झांकी रूप में गणपति को विभौर के सतलुज घाट तक लाए और नाव के जरिए बीच दरिया में विसर्जन किया। पूरे दिन भक्त आरती, लड्डू प्रसाद व भंडारे में शामिल होते रहे।
27 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर स्थापित गणपति की दस दिन पूजन-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लेकर उन्हें विदाई दी। भाखड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के बावजूद आस्था में कमी नहीं आई और लोग निडर होकर विसर्जन करते दिखे। रायपुर सहोडा के पंडित नरेश कुमार ने कहा कि अब यह पर्व उत्तर भारत में भी उत्साहपूर्वक मनाया जाने लगा है।
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