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मित्रों की सरकार ने आर्थिक बदहाली लाने में नहीं छोड़ी कमी : सत्ती
Sun, 08 Sep 2024 02:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 08 Sep 2024 02:56 AM IST
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ऊना। ऊना के भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार पर हिमाचल को आर्थिक बदहाली के मुहाने पर लाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि कर्मचारियों को उनके अपने ही मेहनताने से वंचित किया गया।
विधायक ने कहा कि यदि भाजपा इस मामले को लेकर शोर नहीं करती तो प्रदेश सरकार द्वारा अब भी कर्मचारियों को 5 तारीख को कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया जाना था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मित्रों की सरकार ने राज्य को आर्थिक बदहाली तक लाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। विधायक ने कहा कि प्रदेश के लाखों पेंशनर्स अपनी पेंशन के लिए प्रदेश सरकार की तरफ देख रहे हैं। हालत यह हो चुकी है कि पेंशनर्स के पास अपनी बीमारी की हालत में दवाई तक के पैसे नहीं हैं, जबकि दूसरी तरफ कर्मचारियों का वेतन रोकने का असर निजी क्षेत्र तक गया है। जहां बच्चों की फीस समय पर नहीं दे पाने के कारण निजी स्कूलों के संचालक अपने अध्यापकों को भी समय पर वेतन नहीं दे पा रहे। दुकानदारों का उधार चुकता नहीं होने के चलते उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार की इस कार्य प्रणाली के चलते हिमाचल प्रदेश का नाम पूरे देश में खराब हुआ है। विधायक ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों का वेतन देने के लिए पैसे नहीं है, लेकिन फिजूल खर्ची करने में मौजूदा सरकार कहीं भी पीछे नजर नहीं आती।
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विधायक ने कहा कि यदि भाजपा इस मामले को लेकर शोर नहीं करती तो प्रदेश सरकार द्वारा अब भी कर्मचारियों को 5 तारीख को कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया जाना था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मित्रों की सरकार ने राज्य को आर्थिक बदहाली तक लाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। विधायक ने कहा कि प्रदेश के लाखों पेंशनर्स अपनी पेंशन के लिए प्रदेश सरकार की तरफ देख रहे हैं। हालत यह हो चुकी है कि पेंशनर्स के पास अपनी बीमारी की हालत में दवाई तक के पैसे नहीं हैं, जबकि दूसरी तरफ कर्मचारियों का वेतन रोकने का असर निजी क्षेत्र तक गया है। जहां बच्चों की फीस समय पर नहीं दे पाने के कारण निजी स्कूलों के संचालक अपने अध्यापकों को भी समय पर वेतन नहीं दे पा रहे। दुकानदारों का उधार चुकता नहीं होने के चलते उनके कारोबार पर भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार की इस कार्य प्रणाली के चलते हिमाचल प्रदेश का नाम पूरे देश में खराब हुआ है। विधायक ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों का वेतन देने के लिए पैसे नहीं है, लेकिन फिजूल खर्ची करने में मौजूदा सरकार कहीं भी पीछे नजर नहीं आती।
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