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Una News: ठठल के ट्यूबवेल से निकल रहा झाग युक्त पानी, बीमारी फैलने की आशंका
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ठठल पंचायत में खेतों की सिंचाई को प्रयोग होने वाले पानी को दिखाते किसान राजेश । स्त्रोत जागरूक
ग्रामीणों ने समाधान न होने पर फैक्ट्री प्रबंधकों को दी आंदोलन की चेतावनी
2021 से फैक्ट्री प्रबंधकों और किसानों में हुआ था विवाद को लेकर समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदपुर (ऊना)। ऊना जिले की ग्राम पंचायत ठठल के किसान इन दिनों दूषित पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। खेतों की सिंचाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल से झाग और बदबूदार पानी निकल रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसानों को अपनी उपज के साथ-साथ पशुओं और परिवार के स्वास्थ्य की भी गहरी चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि लंबे समय तक ऐसे केमिकल युक्त पानी के इस्तेमाल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। किसानों का आरोप है कि इस समस्या की जड़ पास में स्थित परागोन निट्स लिमिटेड फैक्ट्री है, जो दूषित पानी का सही निष्पादन नहीं कर रही।
पुराना विवाद फिर उठा
किसान राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 में भी नलों से दूषित पानी आने पर विवाद हुआ था। उस समय पंचायत, किसानों और कंपनी प्रबंधन के बीच समझौता हुआ था, जिसमें कंपनी ने वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान निकालने का वादा किया था। लेकिन, चार साल बाद भी स्थिति जस की तस है। किसानों का कहना है कि कंपनी के वादे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए और अब दूषित पानी खेतों और लोगों की सेहत पर सीधा खतरा बन चुका है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
जांच रिपोर्टें चिंताजनक
जून में जल शक्ति विभाग अंब और जुलाई में चंडीगढ़ की पर्यावरण जांच प्रयोगशाला ने पानी के नमूने जांचे थे। दोनों ही बार पानी की गुणवत्ता असफल पाई गई और इसके इस्तेमाल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया।
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पंचायत का रुख
ग्राम पंचायत ठठल की प्रधान अमन ज्योति ने बताया कि लगभग एक माह पहले मैंने कंपनी प्रबंधक सरवन डढवाल से इस बारे में बात की थी। उन्होंने भरोसा दिया था कि मामला बड़े अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो पंचायत की ओर से कंपनी को कड़ा नोटिस भेजा जाएगा।
कंपनी का पक्ष
फैक्ट्री प्रबंधक सरवन डढवाल ने कहा कि किसानों के आरोप निराधार हैं। पिछले माह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री की जांच की थी और रिपोर्ट में पानी साफ पाया गया। इस रिपोर्ट को कोई चुनौती नहीं दे सकता।
किसानों का सवाल
किसानों का कहना है कि अगर कंपनी का पानी साफ है तो फिर ट्यूबवेल से झाग और बदबूदार पानी क्यों निकल रहा। क्या यह हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं है।
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2021 से फैक्ट्री प्रबंधकों और किसानों में हुआ था विवाद को लेकर समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदपुर (ऊना)। ऊना जिले की ग्राम पंचायत ठठल के किसान इन दिनों दूषित पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। खेतों की सिंचाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल से झाग और बदबूदार पानी निकल रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसानों को अपनी उपज के साथ-साथ पशुओं और परिवार के स्वास्थ्य की भी गहरी चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि लंबे समय तक ऐसे केमिकल युक्त पानी के इस्तेमाल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। किसानों का आरोप है कि इस समस्या की जड़ पास में स्थित परागोन निट्स लिमिटेड फैक्ट्री है, जो दूषित पानी का सही निष्पादन नहीं कर रही।
पुराना विवाद फिर उठा
किसान राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 में भी नलों से दूषित पानी आने पर विवाद हुआ था। उस समय पंचायत, किसानों और कंपनी प्रबंधन के बीच समझौता हुआ था, जिसमें कंपनी ने वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान निकालने का वादा किया था। लेकिन, चार साल बाद भी स्थिति जस की तस है। किसानों का कहना है कि कंपनी के वादे केवल कागजों तक ही सीमित रह गए और अब दूषित पानी खेतों और लोगों की सेहत पर सीधा खतरा बन चुका है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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जांच रिपोर्टें चिंताजनक
जून में जल शक्ति विभाग अंब और जुलाई में चंडीगढ़ की पर्यावरण जांच प्रयोगशाला ने पानी के नमूने जांचे थे। दोनों ही बार पानी की गुणवत्ता असफल पाई गई और इसके इस्तेमाल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया।
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पंचायत का रुख
ग्राम पंचायत ठठल की प्रधान अमन ज्योति ने बताया कि लगभग एक माह पहले मैंने कंपनी प्रबंधक सरवन डढवाल से इस बारे में बात की थी। उन्होंने भरोसा दिया था कि मामला बड़े अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो पंचायत की ओर से कंपनी को कड़ा नोटिस भेजा जाएगा।
कंपनी का पक्ष
फैक्ट्री प्रबंधक सरवन डढवाल ने कहा कि किसानों के आरोप निराधार हैं। पिछले माह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फैक्ट्री की जांच की थी और रिपोर्ट में पानी साफ पाया गया। इस रिपोर्ट को कोई चुनौती नहीं दे सकता।
किसानों का सवाल
किसानों का कहना है कि अगर कंपनी का पानी साफ है तो फिर ट्यूबवेल से झाग और बदबूदार पानी क्यों निकल रहा। क्या यह हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं है।