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Una News: खराब लैपटॉप बेचने पर फ्लिपकार्ट को उपभोक्ता को मुआवजा देने का आदेश
Thu, 03 Apr 2025 05:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 03 Apr 2025 05:24 AM IST
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ऊना। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष डीआर ठाकुर ने खराब लैपटॉप बेचने के मामले में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट की सेवाओं में कमी मानते हुए उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाया है। फोरम ने कंपनी को 30 दिनों के भीतर 30,000 रुपये मानसिक परेशानी के लिए और 20,000 रुपये केस खर्च नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित उपभोक्ता को भुगतान करने का आदेश दिया है।
मामले के अनुसार जगदीप सहजपाल ने 15 सितंबर 2022 को फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नोकिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का लैपटॉप ऑर्डर किया था। यह लैपटॉप 17 सितंबर 2022 को डिलीवर हुआ। जब उपभोक्ता ने लैपटॉप का उपयोग करना शुरू किया तो उसमें तकनीकी खराबी पाई गई। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन कंपनी से शिकायत की, लेकिन कंपनी ने गलती स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में मामला दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान, नोकिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और उपभोक्ता को लैपटॉप की पूरी कीमत 35,890 रुपये लौटा दी। लेकिन फ्लिपकार्ट और अन्य भागीदार कंपनियों ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली।
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फोरम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फ्लिपकार्ट को सेवाओं में कमी का दोषी ठहराया और उपभोक्ता को मानसिक परेशानी और केस खर्च के रूप में 50,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
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मामले के अनुसार जगदीप सहजपाल ने 15 सितंबर 2022 को फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नोकिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का लैपटॉप ऑर्डर किया था। यह लैपटॉप 17 सितंबर 2022 को डिलीवर हुआ। जब उपभोक्ता ने लैपटॉप का उपयोग करना शुरू किया तो उसमें तकनीकी खराबी पाई गई। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन कंपनी से शिकायत की, लेकिन कंपनी ने गलती स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
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समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता फोरम में मामला दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान, नोकिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और उपभोक्ता को लैपटॉप की पूरी कीमत 35,890 रुपये लौटा दी। लेकिन फ्लिपकार्ट और अन्य भागीदार कंपनियों ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली।
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फोरम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फ्लिपकार्ट को सेवाओं में कमी का दोषी ठहराया और उपभोक्ता को मानसिक परेशानी और केस खर्च के रूप में 50,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।