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Una News: पहले विवाद में फंसी रही सिंचाई योजना, अब पाइप पड़ गए कम
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रामपुर में बना भवन खंडहर में हुआ तब्दील
अनदेखी के चलते भवन के अंदर फैली गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जल शक्ति विभाग ऊना मंंडल-एक के तहत रामपुर में बनाई गई सिंचाई योजना का भवन खंडहर बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि संतोषगढ़-ऊना मार्ग से सटे भवन के इर्द-गिर्द गंदगी फैली हुई है। यहां तक कि भवन के अंदर मरे हुए जानवरों के अवशेष भी पड़े देखे जा सकते हैं। भवन को उपयोग में न लाने का कारण पहले किन्हीं निजी भूमि मालिकों से पाइप लाइन बिछाने का विवाद रहा। अब यहां पर दूसरे रास्ते से पाइप लाइन बिछाने को लेकर पाइपों की कमी सामने आ रही है। परिणामस्वरूप स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित होने वाली योजना अभी तक सुचारु नहीं हो पाई है। भवन का निर्माण लगभग दो वर्ष पहले करीब 80 लाख रुपये की लागत से कराया गया था लेकिन इस्तेमाल में आने से पहले ही यह भवन विवाद की भेंट चढ़ता रहा। इसके बाद न तो विभागीय अधिकारी इसकी ओर ध्यान दे पाए और न ही किसी सरकार ने इस भवन को शुरू कराने की जहमत उठाई। अब आने वाले कुछ दिन में सिंचाई योजना को चलाने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इसके फलीभूत होने से क्षेत्र में सिंचाई योग्य पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। फिलहाल यह आधा-अधूरा भवन मुख्य मार्ग पर गुजरने वाले कई लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय कुछ भूमि मालिकों के साथ पाइप लाइन को लेकर विवाद रहा, उसका समाधान कर लिया गया है। कुछ समय में पाइप बिछाकर इसे सुचारु कर दिया जाएगा।
-रवि कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग।
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अनदेखी के चलते भवन के अंदर फैली गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जल शक्ति विभाग ऊना मंंडल-एक के तहत रामपुर में बनाई गई सिंचाई योजना का भवन खंडहर बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि संतोषगढ़-ऊना मार्ग से सटे भवन के इर्द-गिर्द गंदगी फैली हुई है। यहां तक कि भवन के अंदर मरे हुए जानवरों के अवशेष भी पड़े देखे जा सकते हैं। भवन को उपयोग में न लाने का कारण पहले किन्हीं निजी भूमि मालिकों से पाइप लाइन बिछाने का विवाद रहा। अब यहां पर दूसरे रास्ते से पाइप लाइन बिछाने को लेकर पाइपों की कमी सामने आ रही है। परिणामस्वरूप स्थानीय किसानों के लिए वरदान साबित होने वाली योजना अभी तक सुचारु नहीं हो पाई है। भवन का निर्माण लगभग दो वर्ष पहले करीब 80 लाख रुपये की लागत से कराया गया था लेकिन इस्तेमाल में आने से पहले ही यह भवन विवाद की भेंट चढ़ता रहा। इसके बाद न तो विभागीय अधिकारी इसकी ओर ध्यान दे पाए और न ही किसी सरकार ने इस भवन को शुरू कराने की जहमत उठाई। अब आने वाले कुछ दिन में सिंचाई योजना को चलाने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इसके फलीभूत होने से क्षेत्र में सिंचाई योग्य पानी की कोई कमी नहीं रहेगी। फिलहाल यह आधा-अधूरा भवन मुख्य मार्ग पर गुजरने वाले कई लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय कुछ भूमि मालिकों के साथ पाइप लाइन को लेकर विवाद रहा, उसका समाधान कर लिया गया है। कुछ समय में पाइप बिछाकर इसे सुचारु कर दिया जाएगा।
-रवि कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग।