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Una News: मातृ-शिशु अस्पताल के कार्य में हो रही देरी के चलते जिला पब्लिक हेल्थ लैब योजना अटकी
Mon, 19 Aug 2024 03:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 19 Aug 2024 03:35 AM IST
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ऊना। मातृ-शिशु अस्पताल चल रहे फीटिंग कार्य में देरी होने के चलते क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में स्थापित होने वाली जिला पब्लिक हेल्थ लैब स्थापित करने का कार्य अटक गया है। ऐसे में अब अस्पताल प्रबंधन मातृ-शिशु अस्पताल भवन के अधूरे पड़े कार्य के खत्म होने का इंतजार कर रहा है।
इसके बाद जिला पब्लिक हेल्थ निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्थापित की जाने वाले जिला पब्लिक हेल्थ लैब की प्रक्रिया टल की गई। क्षेत्रीय अस्पताल के भवन से गायनी ओपीडी को ही अभी मातृ-शिशु अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा तीन शिशु रोग ओपीडी, लेबर रूम, गायनी वार्ड, शिशु रोग वार्ड व ऑपरेशन थियेटर का संचालन अभी भी क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में हो रहा है। इन सभी वार्डों को मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट किया जाना है, लेकिन मातृ-शिशु अस्पताल में बिजली संबंधित फीटिंग व सीलिंग का काम पूरा न होने के चलते क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में जगह खाली नहीं हो पा रही है। इस खाली जगह पर ही जिला पब्लिक हेल्थ लैब स्थापित होनी है।
सूत्रों के अनुसार अभी मातृ-शिशु अस्पताल का काम पूरा होने में चार से पांच माह का समय लग सकता है। ऐसे में जिला पब्लिक हेल्थ लैब को स्थापित करने मंजूरी मिलने के बाद भी आगामी कार्रवाई को अभी कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। बता देंं कि जिले में पब्लिक हेल्थ लैब बनने से मरीजों को विभिन्न प्रकार के टेस्ट की सुविधा निशुल्क दी जाएगी। इसके अलावा लैब का संचालन 24 घंटें होगा। वर्तमान में अस्पताल में चल रही सरकारी लैब में दोपहर एक बजे तक ही टेस्ट की सुविधा मिल पाती है।
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कोट्स
वर्तमान में मातृ-शिशु अस्पताल में बिजली फीटिंग और अन्य कार्य शेष पड़े हैं। इसके बाद ही जिला पब्लिक हेल्थ लैब को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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इसके बाद जिला पब्लिक हेल्थ निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्थापित की जाने वाले जिला पब्लिक हेल्थ लैब की प्रक्रिया टल की गई। क्षेत्रीय अस्पताल के भवन से गायनी ओपीडी को ही अभी मातृ-शिशु अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा तीन शिशु रोग ओपीडी, लेबर रूम, गायनी वार्ड, शिशु रोग वार्ड व ऑपरेशन थियेटर का संचालन अभी भी क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में हो रहा है। इन सभी वार्डों को मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट किया जाना है, लेकिन मातृ-शिशु अस्पताल में बिजली संबंधित फीटिंग व सीलिंग का काम पूरा न होने के चलते क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में जगह खाली नहीं हो पा रही है। इस खाली जगह पर ही जिला पब्लिक हेल्थ लैब स्थापित होनी है।
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सूत्रों के अनुसार अभी मातृ-शिशु अस्पताल का काम पूरा होने में चार से पांच माह का समय लग सकता है। ऐसे में जिला पब्लिक हेल्थ लैब को स्थापित करने मंजूरी मिलने के बाद भी आगामी कार्रवाई को अभी कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। बता देंं कि जिले में पब्लिक हेल्थ लैब बनने से मरीजों को विभिन्न प्रकार के टेस्ट की सुविधा निशुल्क दी जाएगी। इसके अलावा लैब का संचालन 24 घंटें होगा। वर्तमान में अस्पताल में चल रही सरकारी लैब में दोपहर एक बजे तक ही टेस्ट की सुविधा मिल पाती है।
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वर्तमान में मातृ-शिशु अस्पताल में बिजली फीटिंग और अन्य कार्य शेष पड़े हैं। इसके बाद ही जिला पब्लिक हेल्थ लैब को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।
डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना