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दिलवां सहकारी सभा घोटाला : महिला सचिव को न्यायिक हिरासत में भेजा
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करोड़ों के गबन मामले में पुलिस लगातार दे रही है दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। सहकारी सभा सीमित दिलवां में करोड़ों रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार महिला सचिव को शनिवार को फिर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने के आदेश दिए गए। इससे पहले आरोपी महिला को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। बीते रविवार को अंब पुलिस की टीम ने आरोपी महिला सचिव को उसके घर से गिरफ्तार किया था। वहीं, मामले में शामिल दूसरे मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस टीम आरोपी के घर और निजी ठिकानों पर लगातार छापे मार रही है। थाना प्रभारी अंब अनिल उपाध्याय ने बताया कि जल्द ही दूसरा आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होगा। उन्होंने कहा कि रिमांड के दौरान गबन की रकम के प्रवाह, फर्जी दस्तावेजों की भूमिका और अन्य संबंधित लोगों की संलिप्तता की जांच की जाएगी।
सहकारी सभा में 2,91,00,371.65 रुपये का गबन सामने आया था। इस वित्तीय अनियमितता में तत्कालीन सचिव और तत्कालीन उपप्रधान की भूमिका पाई गई थी। प्रबंधक समिति ने मामले में सख्त कार्रवाई की सिफारिश करते हुए कार्रवाई पुस्तिका संख्या 186/25-26 में प्रस्ताव पारित किया था, जिसके आधार पर थाना अंब में मामला दर्ज हुआ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। सहकारी सभा सीमित दिलवां में करोड़ों रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार महिला सचिव को शनिवार को फिर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने के आदेश दिए गए। इससे पहले आरोपी महिला को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। बीते रविवार को अंब पुलिस की टीम ने आरोपी महिला सचिव को उसके घर से गिरफ्तार किया था। वहीं, मामले में शामिल दूसरे मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस टीम आरोपी के घर और निजी ठिकानों पर लगातार छापे मार रही है। थाना प्रभारी अंब अनिल उपाध्याय ने बताया कि जल्द ही दूसरा आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होगा। उन्होंने कहा कि रिमांड के दौरान गबन की रकम के प्रवाह, फर्जी दस्तावेजों की भूमिका और अन्य संबंधित लोगों की संलिप्तता की जांच की जाएगी।
सहकारी सभा में 2,91,00,371.65 रुपये का गबन सामने आया था। इस वित्तीय अनियमितता में तत्कालीन सचिव और तत्कालीन उपप्रधान की भूमिका पाई गई थी। प्रबंधक समिति ने मामले में सख्त कार्रवाई की सिफारिश करते हुए कार्रवाई पुस्तिका संख्या 186/25-26 में प्रस्ताव पारित किया था, जिसके आधार पर थाना अंब में मामला दर्ज हुआ।
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