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Una News: हिमाचल के सभी टोल नाकों को बंद करवाने की मुहिम शुरू
Sat, 19 Oct 2024 02:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:18 AM IST
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नंगल (ऊना)। पंजाब-हिमाचल की सीमाओं पर हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए नाके हटाने या नंगलवासियों को भी हिमाचल निवासियों की तरह राहत देने की मांग जोर पकडऩे लगी है। यह मुद्दा नंगल विकास मोर्चा की तरफ से जोर-शोर से उठाया जाने लगा है।
नंगल विकास मोर्चा को नंगल के समस्त व्यापार मंडलों, बार एसोसिएशन के अलावा धार्मिक व सामाजिक संगठनों का भी भरपूर समर्थन मिलने लगा है। इसकी जानकारी नंगल विकास मोर्चा के एडवोकेट निशांत गुप्ता ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। पत्रकारों से बात करते एडवोकेट निशांत गुप्ता ने कहा कि हिमाचल सरकार ने टोल नाके एचपी टोल टैक्स की धारा 1975 के तहत लगाए थे। इसकी आमदनी को सड़क मार्ग को मजबूत करने के लिए खर्च किया जाता है। मैहतपुर का टोल नाका नेशनल हाईवे 503 के अधीन पड़ता है, जो कीरतपुर साहिब से धर्मशाला तक जाता है और नेशनल हाईवे फी रूल 2008 के सेक्शन आठ में साफ लिखा हुआ है कि नेशनल हाईवे पर नगर काउंसिल के पांच किलोमीटर के दायरे में कोई टोल टैक्स नहीं लगाया जा सकता, लेकिन मैहतपुर, कलसेहड़ा के निकट, अजौली मोड़, फोकल प्वाइंट के निकट और बरमला के निकट टोल नाके लगे हुए हैं। यही नहीं, जिन लोगों के पास पंजाब व अन्य राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां हैं और वह टोल नाके से पांच किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, तो उनसे मात्र एक वर्ष के लिए पास बनाकर 340 रुपये वसूल किए जाते हैं, जबकि नंगलवासियों से मैहतपुर या ऊना जाने पर 60 रुपये वसूल किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि या हिमाचल में पांच किलोमीटर के दायरे में लगे सभी टोल नाके हटाए जाएं या नंगलवासियों को भी टोल से राहत मिले। नंगल विकास मोर्चा ने मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री पंजाब व हिमाचल, उपायुक्त रूपनगर व ऊना को भी पत्र लिखा है। संवाद
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नंगल विकास मोर्चा को नंगल के समस्त व्यापार मंडलों, बार एसोसिएशन के अलावा धार्मिक व सामाजिक संगठनों का भी भरपूर समर्थन मिलने लगा है। इसकी जानकारी नंगल विकास मोर्चा के एडवोकेट निशांत गुप्ता ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। पत्रकारों से बात करते एडवोकेट निशांत गुप्ता ने कहा कि हिमाचल सरकार ने टोल नाके एचपी टोल टैक्स की धारा 1975 के तहत लगाए थे। इसकी आमदनी को सड़क मार्ग को मजबूत करने के लिए खर्च किया जाता है। मैहतपुर का टोल नाका नेशनल हाईवे 503 के अधीन पड़ता है, जो कीरतपुर साहिब से धर्मशाला तक जाता है और नेशनल हाईवे फी रूल 2008 के सेक्शन आठ में साफ लिखा हुआ है कि नेशनल हाईवे पर नगर काउंसिल के पांच किलोमीटर के दायरे में कोई टोल टैक्स नहीं लगाया जा सकता, लेकिन मैहतपुर, कलसेहड़ा के निकट, अजौली मोड़, फोकल प्वाइंट के निकट और बरमला के निकट टोल नाके लगे हुए हैं। यही नहीं, जिन लोगों के पास पंजाब व अन्य राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां हैं और वह टोल नाके से पांच किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, तो उनसे मात्र एक वर्ष के लिए पास बनाकर 340 रुपये वसूल किए जाते हैं, जबकि नंगलवासियों से मैहतपुर या ऊना जाने पर 60 रुपये वसूल किए जाते हैं।
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उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि या हिमाचल में पांच किलोमीटर के दायरे में लगे सभी टोल नाके हटाए जाएं या नंगलवासियों को भी टोल से राहत मिले। नंगल विकास मोर्चा ने मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री पंजाब व हिमाचल, उपायुक्त रूपनगर व ऊना को भी पत्र लिखा है। संवाद
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