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Una News: हरोली क्षेत्र में करोड़ों की बोरवेल योजना बेकार

Sun, 22 Mar 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sun, 22 Mar 2026 12:40 AM IST
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Borewell scheme worth crores in Haroli area is useless
टाहलीवाल (ऊना)। हरोली क्षेत्र में सरकार द्वारा लगाए गए बोरवेल और हैंडपंप आज कई जगह बेकार खड़े दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए इन बोरवेलों से न तो पानी मिल रहा है और न ही उनकी नियमित देखरेख हो रही है। कई स्थानों पर तो इनके कल-पुर्जे भी गायब हो चुके हैं, जिससे सरकारी योजना का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बोरवेल लगाने के बाद विभाग की ओर से उनकी सही तरीके से निगरानी नहीं की गई। परिणामस्वरूप कई बोरवेल बंद पड़े हैं और ग्रामीणों को पानी के लिए अब भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि अगर समय-समय पर इनकी मरम्मत और रखरखाव किया जाता तो क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई की समस्या काफी हद तक हल हो सकती थी। ग्रामीणों के अनुसार एक बोरवेल लगाने पर लगभग डेढ़ से तीन लाख रुपये तक खर्च आता है। ऐसे में जब कई बोरवेल काम ही नहीं कर रहे तो सवाल उठ रहा है कि इन पर खर्च हुए सरकारी धन का हिसाब कौन देगा और इनके रखरखाव की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। यह इलाका प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का विधानसभा क्षेत्र भी है। उनके पास वर्तमान में जल शक्ति विभाग का जिम्मा भी है। सरकार की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि हरोली क्षेत्र में पीने और सिंचाई के पानी की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी लेकिन जमीनी स्तर पर बंद पड़े बोरवेल इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस मामले में जल शक्ति विभाग के एसडीओ देशराज का कहना है कि विभिन्न गांवों से जब भी किसी बोरवेल के बंद होने की शिकायत आती है तो विभाग उसे ठीक करने का प्रयास करता है। उनका कहना है कि कई जगह पानी का स्तर नीचे जाने के कारण बोरवेल को और गहरा करने की जरूरत पड़ती है जबकि कुछ स्थानों पर कल-पुर्जे खराब या गायब होने के कारण भी समस्या आती है। विभाग का कहना है कि जो भी खराब या बंद बोरवेल उनकी जानकारी में आएंगे, उन्हें जल्द ठीक कर दोबारा चालू किया जाएगा।
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फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि पूरे क्षेत्र में लगे सभी बोरवेलों की व्यापक जांच करवाई जाए, बंद पड़े हैंडपंपों को जल्द दुरुस्त किया जाए और जिन जगहों पर लापरवाही सामने आए वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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विजय शर्मा निवासी बाथू का कहना है कि उनकी दुकान के आगे लगा पंप बंद है और हैंडल तक गायब है। पंप के कारण गाड़ी खड़ी करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। विभाग पंप को चालू करे या इसे यहां से हटा दे।
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पूर्व पंच नरेश कुमार का कहना है कि सरकार द्वारा लगाए गए बोरवेल और पंप सूखे पेड़ की तरह खड़े हैं और चालू नहीं हो पाए हैं। उन्होंने सरकार से इन्हें जल्द चालू कराने की मांग की है ताकि लोगों को पानी मिल सके। उनका कहना है कि बंद पड़े पंप जनता के पैसे का दुरुपयोग है।
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