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Una News: आरा और आटा चक्की मालिकों को थमा दिए 10 से 15 हजार के बिल
Fri, 20 Sep 2024 02:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 20 Sep 2024 02:37 AM IST
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बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के तहत वीरवार को कुटलैहड़ आरा चक्की यूनियन ने विद्युत बोर्ड द्वारा भेजे गए अग्रिम उपभोग मांग (एसीडी चार्जेस) पत्रों का विरोध किया। यूनियन ने बताया कि विद्युत बोर्ड आरा व आटा चक्की चलाने वालों को एसीडी (एडवांस कंजम्पशन डिमांड) चार्जेस जमा करवाने के लिए पत्र भेज रहा।
उन्होंने कहा कि यह एसीडी चार्जेस क्या है और क्यों है, इसके बारे में आरा व आटा चक्की मालिकों को कोई भी जानकारी नहीं है। इस कारण आरा व चक्की मालिक इसका विरोध कर रहे हैं। आरा व आटा चक्की मालिकों का कहना है कि विभाग द्वारा मांगी गई राशि सभी की समान नहीं है। वहीं, एक मालिक का यह भी कहना है कि वह काफी समय से चक्की नहीं चला रहा है। बिजली का सिर्फ मीटर ही है। उसमें तार भी नहीं लगी है, उसे भी यह चार्जेस जमा करवाने का पत्र भेजा गया है। मालिकों का यह भी कहना है की बोर्ड की ओर से मांगी गई राशि का कोई सही जवाब नहीं मिल पा रहा। कभी उन्हें मीटर की फीस, तो कभी नए मीटर लगाने के बारे में बोलकर सही उद्देश्य नहीं बताया जा रहा है। ऐसे में आरा-चक्की मालिक परेशान हो रहे हैं।
मालिकों का यह भी कहना है कि पिछले कुछ सालों से आरा और चक्कियों का काम पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। ऐसे में विभाग द्वारा की गई इस अन्य राशि का बोझ सहना काफी मुश्किल हो जाएगा। यूनियन का कहना है कि अगर विभाग और सरकार हमारी बात नहीं सुनता है, तो हम सरकार और बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। यूनियन प्रधान ने कहा कि फिलहाल कोई भी मालिक यह एसीडी राशि जमा नहीं करवाएगा। इस मौके पर कुटलैहड़ आरा, आटा चक्की यूनियन प्रधान ज्ञान चंद शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, पुरषोत्तम चंद, पर्स राम शर्मा, प्रीतम शर्मा, राकेश कुमार काकू, प्रीतम चंद, सुभाष धीमान आदि मौजूद रहे।
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एसीडी शुल्क एक वापसी योग्य सुरक्षा जमा राशि है, जिसका भुगतान ग्राहक द्वारा अपने बिल का भुगतान नहीं करने की स्थिति में बिजली बोर्ड की सुरक्षा के लिए किया जाता है। इस राशि को किस्तों में भी जमा करवाया जा सकता है।
ईं. उदित सिंह, विद्युत बोर्ड, बंगाणा खंड
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उन्होंने कहा कि यह एसीडी चार्जेस क्या है और क्यों है, इसके बारे में आरा व आटा चक्की मालिकों को कोई भी जानकारी नहीं है। इस कारण आरा व चक्की मालिक इसका विरोध कर रहे हैं। आरा व आटा चक्की मालिकों का कहना है कि विभाग द्वारा मांगी गई राशि सभी की समान नहीं है। वहीं, एक मालिक का यह भी कहना है कि वह काफी समय से चक्की नहीं चला रहा है। बिजली का सिर्फ मीटर ही है। उसमें तार भी नहीं लगी है, उसे भी यह चार्जेस जमा करवाने का पत्र भेजा गया है। मालिकों का यह भी कहना है की बोर्ड की ओर से मांगी गई राशि का कोई सही जवाब नहीं मिल पा रहा। कभी उन्हें मीटर की फीस, तो कभी नए मीटर लगाने के बारे में बोलकर सही उद्देश्य नहीं बताया जा रहा है। ऐसे में आरा-चक्की मालिक परेशान हो रहे हैं।
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मालिकों का यह भी कहना है कि पिछले कुछ सालों से आरा और चक्कियों का काम पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। ऐसे में विभाग द्वारा की गई इस अन्य राशि का बोझ सहना काफी मुश्किल हो जाएगा। यूनियन का कहना है कि अगर विभाग और सरकार हमारी बात नहीं सुनता है, तो हम सरकार और बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। यूनियन प्रधान ने कहा कि फिलहाल कोई भी मालिक यह एसीडी राशि जमा नहीं करवाएगा। इस मौके पर कुटलैहड़ आरा, आटा चक्की यूनियन प्रधान ज्ञान चंद शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, पुरषोत्तम चंद, पर्स राम शर्मा, प्रीतम शर्मा, राकेश कुमार काकू, प्रीतम चंद, सुभाष धीमान आदि मौजूद रहे।
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एसीडी शुल्क एक वापसी योग्य सुरक्षा जमा राशि है, जिसका भुगतान ग्राहक द्वारा अपने बिल का भुगतान नहीं करने की स्थिति में बिजली बोर्ड की सुरक्षा के लिए किया जाता है। इस राशि को किस्तों में भी जमा करवाया जा सकता है।
ईं. उदित सिंह, विद्युत बोर्ड, बंगाणा खंड