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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Best friends left their lives together, parents' tears are not stopping

Una News: एक साथ जिंदगी छोड़ गए जिगरी दोस्त, माता-पिता के नहीं रुक रहे आंसू

Thu, 20 Mar 2025 04:01 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Mar 2025 04:01 AM IST
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Best friends left their lives together, parents' tears are not stopping
साइड स्टोरी
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आदविक और सक्षम दोनों छात्र पढ़ाई-लिखाई में थे टाॅपर

दोनों का सपना कंप्यूटर इंजीनियर बनना था

संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की सोहारी पंचायत के ग्यारहवीं कक्षा के दो छात्रों की मौत परिजनों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म दे गई है। माता-पिता के आंसू नहीं रुक रहे हैं। दादी पोते के सिर पर सेहरा देखने की उम्मीद लगाए बैठी थी लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। दोनों जिगरी दोस्त थे और एक-दूसरे के बिना नहीं रहते थे। अंतिम वक्त भी दोनों साथ थे और अंतिम संस्कार भी एक साथ हुआ।
आदविक परमार के माता-पिता हिमांशु परमार और दीपिका परमार बेटे को कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते थे। आज उनके सपने धरे के धरे रह गए। दोनों जिगरी दोस्त एक साथ भगवान के पास चले गए। हिमांशु परमार समाजसेवा से जुड़े हुए हैं और उनकी पत्नी दीपिका परमार स्टाफ नर्स हैं। बेटा पढ़ाई-लिखाई में टाॅपर था। नाॅन मेडिकल की पढ़ाई कर बेटा कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहता था। आदविक की छह साल की बहन हर दिन भाई से चाॅकलेट तो कभी बिस्कुट की मांग करती थी। आज भाई की मौत पर लक्षिता परमार हर किसी की ओर निहार रही थी। उसको क्या पता था कि उसकी हर मांग पूरी करने वाला भाई आज इस दुनिया में नहीं रहा है। दूसरी तरफ छात्र सक्षम के स्कूल प्रबंधक लवली शर्मा का कहना है कि दोनों छात्र पढ़ाई-लिखाई में टाॅपर थे। आज सब कुछ समाप्त हो गया। पिता प्रमोद कुमार और माता पूनम देवी खेतीबाड़ी करके अपने बेटे को कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते थे।
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सक्षम के मामा पंकज राणौत का कहना है कि जब भी मिलता था- कहता था मामा मैं कंप्यूटर इंजीनियर बनूंगा और क्षेत्र का नाम रोशन करूंगा। आज सबको छोड़कर चला गया। सक्षम का बड़ा भाई आईटीआई कर रहा है। आज छोटे भाई की मौत पर अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया। दोनों छात्र हंसमुख और मिलनसार थे। आज दोनों का अंतिम संस्कार भी एक साथ हुआ। दोनों घरों में मातम की आवाजें ही सुनाई दे रही थीं।
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