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Una News: मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में 286 बच्चों को दी गई 67.54 लाख की राशि
Wed, 31 Jul 2024 03:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 31 Jul 2024 03:30 AM IST
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उपायुक्त जतिन लाल जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति पदाधिकारियों के साथ बैठक करते हुए।स्रोत वि
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत साल 2024 की पहली छमाही में 286 लाभार्थी बच्चों को 4-4 हजार रुपये की प्रथम किस्त के तौर पर 67.54 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा राशि प्रदान की गई है।
यह धनराशि 18 से 27 साल तक के अनाथ बच्चों को अप्रैल से सितंबर 2024 की अवधि के लिए दी गई है। यह जानकारी उपायुक्त जतिन लाल ने दी। जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिले में लाभार्थी बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्वावलंबन में सहायता के लिए इस साल अब तक 31 मामलों में 20.48 लाख रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 में मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉन्सर स्कीम और आफ्टर केयर योजना में 155 मामलों में करीब 36 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समूरकलां स्थित विशेष गृह में रह रहे बच्चों की सुरक्षा एवं सुविधा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में जिले में बाल कल्याण और संरक्षण की दिशा में किए कार्यों की समीक्षा की गई। जतिन लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों की देखभाल का जिम्मा लिया है। इसके लिए कानून बनाकर प्रदेश के 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन पर आए 39 मामले
उपायुक्त ने बताया कि जिले में अप्रैल से जून के तीन महीने की अवधि में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 पर कुल 39 मामले प्राप्त हुए, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई। इनमें अप्रैल में 11, मई में 10 और जून में 18 मामले प्राप्त हुए। प्राप्त मामलों में बाल मजदूरी के सात मामले, बाल भिक्षावृत्ति के तीन, बाल विवाह का एक, गुमशुदगी का एक, बाल स्वास्थ्य समस्या के चार और शेल्टर निवेदन के पांच मामलों समेत बच्चों की सुरक्षा व कल्याण से जुड़े अन्य केस प्राप्त हुए।
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता शर्मा,एएसपी संजीव भाटिया, क्रेडिट प्लानिंग अधिकारी संजय सांख्यान, जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी उत्तम डोड, तहसील कल्याण अधिकारी जितेंद्र कुमार, सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन मीनाक्षी राणा सहित अन्य सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने बाल संरक्षण और कल्याण के लिए व्यवस्थागत सुधारों को लेकर बहुमूल्य सुझाव दिए।
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ऊना। ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत साल 2024 की पहली छमाही में 286 लाभार्थी बच्चों को 4-4 हजार रुपये की प्रथम किस्त के तौर पर 67.54 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा राशि प्रदान की गई है।
यह धनराशि 18 से 27 साल तक के अनाथ बच्चों को अप्रैल से सितंबर 2024 की अवधि के लिए दी गई है। यह जानकारी उपायुक्त जतिन लाल ने दी। जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिले में लाभार्थी बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्वावलंबन में सहायता के लिए इस साल अब तक 31 मामलों में 20.48 लाख रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 में मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉन्सर स्कीम और आफ्टर केयर योजना में 155 मामलों में करीब 36 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समूरकलां स्थित विशेष गृह में रह रहे बच्चों की सुरक्षा एवं सुविधा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में जिले में बाल कल्याण और संरक्षण की दिशा में किए कार्यों की समीक्षा की गई। जतिन लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों की देखभाल का जिम्मा लिया है। इसके लिए कानून बनाकर प्रदेश के 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा दिया गया।
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चाइल्ड हेल्पलाइन पर आए 39 मामले
उपायुक्त ने बताया कि जिले में अप्रैल से जून के तीन महीने की अवधि में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 पर कुल 39 मामले प्राप्त हुए, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई। इनमें अप्रैल में 11, मई में 10 और जून में 18 मामले प्राप्त हुए। प्राप्त मामलों में बाल मजदूरी के सात मामले, बाल भिक्षावृत्ति के तीन, बाल विवाह का एक, गुमशुदगी का एक, बाल स्वास्थ्य समस्या के चार और शेल्टर निवेदन के पांच मामलों समेत बच्चों की सुरक्षा व कल्याण से जुड़े अन्य केस प्राप्त हुए।
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता शर्मा,एएसपी संजीव भाटिया, क्रेडिट प्लानिंग अधिकारी संजय सांख्यान, जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी उत्तम डोड, तहसील कल्याण अधिकारी जितेंद्र कुमार, सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन मीनाक्षी राणा सहित अन्य सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने बाल संरक्षण और कल्याण के लिए व्यवस्थागत सुधारों को लेकर बहुमूल्य सुझाव दिए।

उपायुक्त जतिन लाल जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति पदाधिकारियों के साथ बैठक करते हुए।स्रोत वि