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फूलों की खेती से सालाना लाखों कमा रहा दीनानाथ
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बंगाणा के त्यार का किसान फूलों की खेती से हुआ मालामाल।
- फोटो : Una
लठियाणी (ऊना)। प्रदेश सरकार की पुष्प क्रांति योजना के तहत पॉलीहाउस लगाकर जिले के त्यार निवासी दीनानाथ सालाना लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। सरकार की योजना का लाभ लेकर 69 वर्षीय दीनानाथ ने वर्ष 2017 में 1000 वर्ग मीटर में लगभग 6000 जरबेरा के पौधे लगाकर फूलों की खेती शुरू की।
अब वे सालाना लगभग 2.50 लाख के फूल बेच रहे हैं। अपने पहले पॉलीहाउस की कामयाबी से गदगद दीनानाथ ने एक हजार वर्ग मीटर में दूसरा पॉलीहाउस भी लगा लिया है। इसमें भी फूलों का उत्पादन भी शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि वह जरबेरा फूल एचआरटीसी बसों से चंडीगढ़ तथा दिल्ली की मंडियों में भेजते हैं। दीनानाथ का कहना है कि फूलों की खेती से परिवार को अच्छी आमदनी हासिल हो रही है। यही वजह है कि उनका 34 वर्षीय बेटा हरीश कुमार एमबीए के बाद फूलों की खेती में रुचि दिखा रहा है। बेटे की इच्छा के अनुसार ही उन्होंने अब दूसरा पॉलीहाउस लगा लिया है। वह आगे भी इसका विस्तार करना चाहते हैं।
दीनानाथ का कहना है कि पॉलीहाउस लगाने के लिए हिमाचल सरकार की ओर से उन्हें 85 प्रतिशत सब्सिडी दी गई। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस तकनीक से फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ जाती है।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास कर रही है। पुष्प क्रांति योजना के जरिए युवा किसान फूलों की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।
उद्यान विभाग दे रहा सरकारी मदद
उद्यान विभाग के उप-निदेशक डॉ. सुभाष चंद ने कहा कि पुष्प क्रांति योजना के तहत सरकारी मदद प्राप्त करने के लिए उद्यान विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। पुष्प क्रांति योजना में उच्च तकनीक वाले पॉलीहाउस लगाने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है। जिले में 50 हैक्टेयर भूमि में गुलाब, जरबेरा आदि फूलों की खेती की जा रही है।
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अब वे सालाना लगभग 2.50 लाख के फूल बेच रहे हैं। अपने पहले पॉलीहाउस की कामयाबी से गदगद दीनानाथ ने एक हजार वर्ग मीटर में दूसरा पॉलीहाउस भी लगा लिया है। इसमें भी फूलों का उत्पादन भी शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि वह जरबेरा फूल एचआरटीसी बसों से चंडीगढ़ तथा दिल्ली की मंडियों में भेजते हैं। दीनानाथ का कहना है कि फूलों की खेती से परिवार को अच्छी आमदनी हासिल हो रही है। यही वजह है कि उनका 34 वर्षीय बेटा हरीश कुमार एमबीए के बाद फूलों की खेती में रुचि दिखा रहा है। बेटे की इच्छा के अनुसार ही उन्होंने अब दूसरा पॉलीहाउस लगा लिया है। वह आगे भी इसका विस्तार करना चाहते हैं।
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दीनानाथ का कहना है कि पॉलीहाउस लगाने के लिए हिमाचल सरकार की ओर से उन्हें 85 प्रतिशत सब्सिडी दी गई। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस तकनीक से फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ जाती है।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास कर रही है। पुष्प क्रांति योजना के जरिए युवा किसान फूलों की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।
उद्यान विभाग दे रहा सरकारी मदद
उद्यान विभाग के उप-निदेशक डॉ. सुभाष चंद ने कहा कि पुष्प क्रांति योजना के तहत सरकारी मदद प्राप्त करने के लिए उद्यान विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। पुष्प क्रांति योजना में उच्च तकनीक वाले पॉलीहाउस लगाने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है। जिले में 50 हैक्टेयर भूमि में गुलाब, जरबेरा आदि फूलों की खेती की जा रही है।