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सूखे से जूझ रहे किसानों की हुई बल्ले बल्ले
Updated Tue, 23 Jan 2018 10:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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ऊना/मैहतपुर।
जिला में मंगलवार को नए साल की पहली बारिश से किसानों के चेहरे गुलजार हैं। बारिश से मौसम काफी ठंडा महसूस किया जा रहा है, वहीं कई दिनों से प्यासे खेतों को भरपूर पानी मिलने से कृषि कारोबार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इसके चलते कृषि कारोबार पर निर्भर हजारों किसानों के माथे पर छाई चिंता की लकीरें भी छंट गई हैं। लंबे अरसे से पानी की कमी से रात में भीषण सर्दी और दिन में कड़ी धूप का प्रकोप सह रही गेहूं समेत अन्य फसलें काफी मुरझाने लग गई थीं।
ऊना में मंगलवार सुबह शुरू बारिश से कृषि कारोबारियों की चिंता दूर हो गई है। किसान आसमान से बरसी बूंदों को फसलों के लिए खाद के रूप में मान रहे हैं। किसानों में दिलदार सिंह, केवल, अमृतपाल सिंह, दीदार सिंह, रोशनलाल, राकेश चंद, कुलदीप सिंह, नरेंद्र कुमार की मानें तो इस वक्त बारिश की बेहद जरूरत थी, अगर अब भी बारिश न होती तो उनको घाटा सहन करना पड़ सकता था।
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ज्यादातर किसान मानते हैं कि इस समय बारिश का पानी गेहूं, सरसों की फसल के लिए खाद की काम करेगी। कई खेतों में फसलें सूखने भी लग गई थी लेकिन मंगलवार रात को जमकर बरसे मेघों के चलते काफी राहत महसूस हुई है। उन्होंने बताया कि बारिश की बूंदी फसलों के लिए संजीवनी बन कर बरसी है।
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सूखी ठंड से मिली निजात
जिला में बारिश होने से लोगों को सूखी ठंड से निजात मिल गई है। सूखी ठंड के चलते सर्दी, खांसी, जुकाम, निमोनिया और सांस के रोगों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही थी। अस्पतालों में ठंड से बीमार पड़े लोगों की कतारें लंबी हो रही थीं। आलम यह था कि रोजाना अस्पताल में आने वाले रोगियों का एक तिहाई से अधिक भाग इन्हीं रोगों से ग्रसित होता है। मंगलवार को हुई बारिश से सूखी ठंड से भी लोगों को राहत मिलेगी।