{"_id":"5cbf420fbdec22144f419597","slug":"81556038159-una-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही से रुकी हजारों की स्कॉलरशिप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही से रुकी हजारों की स्कॉलरशिप
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले के सरकारी और गैर सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल प्रबंधनों की लापरवाही के कारण हजारों विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप रुक गई है। इससे शिक्षा विभाग ने जिला ऊना के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की लापरवाही को देखते हुए नाराजगी व्यक्त की है।
विभागीय निर्देशों के अनुसार जिले के सभी स्कूलों को स्कूल की मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा स्कॉलरशिप की प्रमाण-पत्रों की रिपोर्ट-दस्तावेज 20 अप्रैल तक शिक्षा उप निदेशक उच्चतर कार्यालय में जमा करवानी थी। जिले के करीब 60 फीसदी सरकारी स्कूलों ने अभी तक रिपोर्ट जमा नहीं करवाई है। शिक्षा विभाग ने जांच-परखने के बाद जिला स्तरीय रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजनी थी। इससे विद्यार्थियों को समय पर स्कॉलरशिप मिलतनी थी। स्कूलों की लापरवाही के कारण ऐसा नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
24 अप्रैल शाम तक जमा करवाएं रिपोर्ट : धीमान
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक बीआर धीमान ने जिला के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी लापरवाह स्कूल 24 अप्रैल शाम तक रिपोर्ट जमा करवाएं। अन्यथा स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी।
विज्ञापन
96 में से 12 निजी स्कूलों ने दी रिपोर्ट
जिले के 96 निजी स्कूलों में से मात्र 12 निजी स्कूलों ने ही रिपोर्ट जमा करवाई है। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल प्रबंधनों को सचेत किया है कि अगर निजी स्कूल निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं देते तो लापरवाह निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
विज्ञापन
ऊना। जिले के सरकारी और गैर सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल प्रबंधनों की लापरवाही के कारण हजारों विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप रुक गई है। इससे शिक्षा विभाग ने जिला ऊना के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की लापरवाही को देखते हुए नाराजगी व्यक्त की है।
विभागीय निर्देशों के अनुसार जिले के सभी स्कूलों को स्कूल की मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा स्कॉलरशिप की प्रमाण-पत्रों की रिपोर्ट-दस्तावेज 20 अप्रैल तक शिक्षा उप निदेशक उच्चतर कार्यालय में जमा करवानी थी। जिले के करीब 60 फीसदी सरकारी स्कूलों ने अभी तक रिपोर्ट जमा नहीं करवाई है। शिक्षा विभाग ने जांच-परखने के बाद जिला स्तरीय रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजनी थी। इससे विद्यार्थियों को समय पर स्कॉलरशिप मिलतनी थी। स्कूलों की लापरवाही के कारण ऐसा नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
24 अप्रैल शाम तक जमा करवाएं रिपोर्ट : धीमान
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक बीआर धीमान ने जिला के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी लापरवाह स्कूल 24 अप्रैल शाम तक रिपोर्ट जमा करवाएं। अन्यथा स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी।
विज्ञापन
96 में से 12 निजी स्कूलों ने दी रिपोर्ट
जिले के 96 निजी स्कूलों में से मात्र 12 निजी स्कूलों ने ही रिपोर्ट जमा करवाई है। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल प्रबंधनों को सचेत किया है कि अगर निजी स्कूल निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं देते तो लापरवाह निजी स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।