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Una News: गर्भवती गाय के पेट से निकाला 28 किलो प्लास्टिक सहित 41 कीलें
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जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह में गर्भवती गाय का सफलतापूर्वक ऑपरेशन
सर्जरी के बाद गाय को सात दिन तक पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह में शनिवार को एक अत्यंत जटिल शल्यक्रिया सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। इस दौरान गर्भवती गाय के पेट से 28 किलोग्राम प्लास्टिक, कपड़े, रस्सियां और 41 कीलें सहित विभिन्न धातु के टुकड़े निकाले गए। यह ऑपरेशन अस्पताल के प्रभारी डॉ. निशांत रनौत और डॉ. शिल्पा रनौत के नेतृत्व में डॉ. स्टेफनी, डॉ. निकिता चौधरी, रमेश चंद, सिमरन और महाबीर सिंह द्वारा किया गया। डॉ. निशांत रनौत ने बताया कि सर्जरी के बाद गाय को सात दिन तक चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। गाय को कलरूही निवासी विपिन कुमार और अन्य स्थानीय लोगों की ओर से अस्पताल लाया गया था। गाय ने पिछले 4-5 दिनों से भोजन और पानी लेना बंद कर दिया था। प्रारंभिक जांच में पेट में अप्राकृतिक वस्तुओं की उपस्थिति का संदेह हुआ। इसके बाद रक्त जांच और अन्य परीक्षणों के बाद तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। पशुपालन विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र पटियाल ने इस सफल ऑपरेशन के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी और लोगों से अपील की कि प्लास्टिक कचरा, कीलें और अन्य धातु सामग्री खुले में न फेंके। उन्होंने कहा कि कचरे का सही तरीके से निस्तारण करना जरूरी है, ताकि पशु और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। डॉ. पटियाल ने बताया कि जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह तीन जिलों का रेफरल अस्पताल है। यहां चार विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान में अब तक 53 बड़े डायफ्रामेटिक हर्निया जैसी जटिल शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। अस्पताल में पशु शल्य चिकित्सा, रक्त जांच और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह क्षेत्र में बड़े पशुओं के उपचार का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
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सर्जरी के बाद गाय को सात दिन तक पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह में शनिवार को एक अत्यंत जटिल शल्यक्रिया सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। इस दौरान गर्भवती गाय के पेट से 28 किलोग्राम प्लास्टिक, कपड़े, रस्सियां और 41 कीलें सहित विभिन्न धातु के टुकड़े निकाले गए। यह ऑपरेशन अस्पताल के प्रभारी डॉ. निशांत रनौत और डॉ. शिल्पा रनौत के नेतृत्व में डॉ. स्टेफनी, डॉ. निकिता चौधरी, रमेश चंद, सिमरन और महाबीर सिंह द्वारा किया गया। डॉ. निशांत रनौत ने बताया कि सर्जरी के बाद गाय को सात दिन तक चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। गाय को कलरूही निवासी विपिन कुमार और अन्य स्थानीय लोगों की ओर से अस्पताल लाया गया था। गाय ने पिछले 4-5 दिनों से भोजन और पानी लेना बंद कर दिया था। प्रारंभिक जांच में पेट में अप्राकृतिक वस्तुओं की उपस्थिति का संदेह हुआ। इसके बाद रक्त जांच और अन्य परीक्षणों के बाद तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। पशुपालन विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र पटियाल ने इस सफल ऑपरेशन के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी और लोगों से अपील की कि प्लास्टिक कचरा, कीलें और अन्य धातु सामग्री खुले में न फेंके। उन्होंने कहा कि कचरे का सही तरीके से निस्तारण करना जरूरी है, ताकि पशु और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। डॉ. पटियाल ने बताया कि जोनल पशु चिकित्सालय बरनोह तीन जिलों का रेफरल अस्पताल है। यहां चार विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान में अब तक 53 बड़े डायफ्रामेटिक हर्निया जैसी जटिल शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। अस्पताल में पशु शल्य चिकित्सा, रक्त जांच और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह क्षेत्र में बड़े पशुओं के उपचार का प्रमुख केंद्र बन चुका है।