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Himachal News: सर्दियों में नहीं होगा बिजली संकट, न्यूक्लियर एनर्जी खरीदेगी हिमाचल प्रदेश सरकार; जानें
Thu, 03 Jul 2025 07:13 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 03 Jul 2025 07:13 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश सरकार अब न्यूक्लियर एनर्जी भी खरीदेगी। बिजली बोर्ड की मजबूती को गठित कैबिनेट सब कमेटी ने सरकार की मंजूरी को यह प्रस्ताव भेजा है। पढ़ें पूरी खबर...
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बिजली (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सर्दियों के मौसम में बिजली संकट नहीं रहेगा। प्रदेश सरकार अब न्यूक्लियर एनर्जी भी खरीदेगी। नेशनल पावर ग्रेड से बिजली खरीद के लिए समझौता किया जाएगा। न्यूक्लियर एनर्जी खरीदने पर 3.50 रुपये प्रति यूनिट का खर्च आएगा। बिजली बोर्ड की मजबूती को गठित कैबिनेट सब कमेटी ने सरकार की मंजूरी को यह प्रस्ताव भेजा है। जल और पन विद्युत पर निर्भरता कम करने के लिए न्यूक्लियर एनर्जी खरीदने का फैसला लिया गया है। जल विद्युत की प्रति यूनिट पर करीब पांच से छह रुपये का खर्च आता है। इस खर्च को बचाने के लिए न्यूक्लियर एनर्जी की खरीद की तैयारी की गई है।
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ऊर्जा राज्य हिमाचल प्रदेश में गर्मियों के मौसम में सरप्लस बिजली होती है। इस दौरान पड़ोसी राज्यों को उधार पर सप्लाई दी जाती है। इस सप्लाई को सर्दियों के मौसम में वापस लिया जाता है। गर्मियों के दौरान बिजली की प्रदेश बिक्री भी करता है। सर्दियों में बिजली उत्पादन घटने पर हिमाचल को पड़ोसी राज्यों से खरीद करनी पड़ती है। नेशनल ग्रिड के माध्यम से बिजली खरीदी जाती है। रियल टाइल माॅनीटरिंग में बिजली के रेट तय होते हैं। सर्दियों में अन्य राज्यों से हिमाचल जल और पन बिजली खरीदता है। महंगी दरों पर यह सप्लाई मिलने के चलते अब न्यूक्लियर एनर्जी को खरीदने की योजना बनाई गई है। कई राज्यों में न्यूक्लियर एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। जल और पन बिजली के मुकाबले न्यूक्लियर एनर्जी की दरें कुछ कम हैं। ऐसे में कैबिनेट सब कमेटी ने सरकार को प्रस्ताव भेज कर खरीद प्रक्रिया में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है। न्यूक्लियर बिजली की खरीद केंद्रीय स्तर पर ही संभव है।
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