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Himachal: अफसरों की कोठियों की रिपेयर से लेकर प्रदेश में 31 विकास कार्यों के टेंडर रद्द
Wed, 19 Aug 2026 05:45 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 19 Aug 2026 05:45 AM IST
सार
अफसरों की कोठियों की रिपेयर और मरम्मत से जुड़े कार्यों से लेकर सड़क, भवन और अन्य विकास कार्यों के करीब 31 टेंडर रद्द करने पड़े हैं। कई कार्यों के लिए निर्धारित समय में पर्याप्त निविदाएं नहीं पहुंचीं।
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हिमाचल प्रदेश सरकार।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
प्रदेश में विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया को ठेकेदारों की बेरुखी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर पेमेंट रिलीज न होने के कारण ठेकेदार नए काम लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही वजह है कि अफसरों की कोठियों की रिपेयर और मरम्मत से जुड़े कार्यों से लेकर सड़क, भवन और अन्य विकास कार्यों के करीब 31 टेंडर रद्द करने पड़े हैं। कई कार्यों के लिए निर्धारित समय में पर्याप्त निविदाएं नहीं पहुंचीं।
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पहले से किए गए कार्यों की करोड़ों रुपये की देनदारियां लंबित हैं। ऐसे में नए काम लेने पर निर्माण सामग्री, मजदूरों और मशीनरी का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। भुगतान में देरी के चलते ठेकेदारों की कार्यशील पूंजी फंस रही है। इसका सीधा असर सरकारी विकास कार्यों की गति पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत प्रस्तावित सड़कों के निर्माण और सुधार कार्य भी ठेकेदारों की कमी से प्रभावित हो रहे हैं।
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हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार बिज ने कहा कि पेमेंट न होने से ठेकेदार टेंडर में भाग नहीं ले रहे हैं। तारकोल समेत अन्य निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़े हैं, ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेना चाह रहा है। विभाग को दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनाने की स्थिति बन रही है। निर्माण सामग्री, डीजल, मजदूरी और मशीनरी की लागत बढ़ने के बीच भुगतान में देरी ठेकेदारों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। विभागों की ओर से नए टेंडर लगाने के बावजूद ठेकेदार जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं। जिन कार्यों के टेंडर रद्द हुए हैं, उन्हें नियमानुसार दोबारा आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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