{"_id":"d771ee9eb4c9f2cc65a84835470b6fa3","slug":"temple-himachal-fire","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल गया मंदिर, भस्म हो हुई 26 किलो चांदी और दस तोला सोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल गया मंदिर, भस्म हो हुई 26 किलो चांदी और दस तोला सोना
अमर उजाला, सिरमौर
Updated Fri, 15 Nov 2013 05:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला एवं सिरमौर जिले के निवासियों के प्रमुख आराध्य देव भगवान शिरगुल का शाया स्थित 11वीं सदी का मंदिर बुधवार रात भयंकर आग की भेंट चढ़ गया।
विज्ञापन
कीमती लकड़ी से बने मंदिर के अंदर रखी शिरगुल देवता की अष्टधातु की सात मूर्तियां, दुधेश्वर महाराज की अष्टधातु की तीन मूर्तियां, 26 किलो चांदी और दस तोला सोना जल गया। इसके साथ ही पौराणिक नगाड़े, तलवारें कई अन्य बेशकीमती सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
विज्ञापन
प्रशासन ने अग्निकांड से पांच करोड़ का नुकसान आंका है। इस प्राचीन मंदिर के जलने से लाखों श्रद्धालुओं की भावना आहत हुई है।
राजगढ़ तहसील के नेरी कोटली पंचायत का शिरगुल देवता का मंदिर प्राचीन देव संस्कृति और लाखों लोगों की आस्था का प्रतीक है। मंदिर में आग लगने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। चंपा देवी को रात करीब 12 बजे अपने घर की छत पर पत्थर गिरने की आवाज सुनाई दी तो उन्होंने अपने पति मंदिर के गणिता (पुजारी) पृथ्वीराज को जगाया।
विज्ञापन
जब वे बाहर आए तो मंदिर धू-धूकर जल रहा था। पुजारी ने गांव वालों को जगाया। गांववालों ने अन्य मकानों की तरफ पानी की पाइप लगाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली।
क्षेत्र के पटवारी रूपराम तथा कानूनगो कमल किशोर ने मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया और बताया कि नुकसान करीब पांच करोड़ का आंका गया है। डीएसपी राजगढ़ भूपेंद्र बरागटा ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस प्राचीन मंदिर का कुछ साल पूर्व जीर्णोद्धार कराया गया था। इसमें कीमती लकड़ी लगाई गई थी। बिजली की तारें ठीक हैं। प्रथम दृष्ट्या लगता है कि आग दीए या धूप आदि के कारण ही लगी होगी।