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शहर में पेयजल व्यवस्था चौपट, आठ दिन से पानी नहीं, लोग उग्र
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Sun, 29 May 2016 09:16 AM IST
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शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर गिया है।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर गिया है। शुक्रवार को शहर में 14 लाख एमएलडी पानी ही बंटा। डिमांड के मुताबिक 60 फीसदी पानी कम आया है। कई स्थानों पर लोगों को पीने के पानी की बूंद तक नसीब नहीं हो रही है।
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बसाल, रबौण, शामती आदि के कुछ क्षेत्रों में सात-आठ दिन से पानी नसीब नहीं हो सका है। शुक्रवार को शहर में भी पानी की सप्लाई कुछ स्थानों पर बिलकुल नहीं हो सकी। वहीं कुछ स्थानों पर सप्लाई हुई भी लेकिन अपर्याप्त रही। ऐसे में गर्मियों में लोगों के हलक सूखे हुए हैं। वहीं पेयजल किल्लत को लेकर अब तमाम संगठनों ने प्रदर्शन और सड़कों पर उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा पार्षद पानी कि किल्लत को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं। सोलन नागरिक सभा ने आईपीएच और नप के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की रणनीति तैयार कर ली है। लोग आठ दिन तक पानी न मिलने को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कह रहे हैं तो कांग्रेस पार्षद शनिवार को पानी के मुद्दे को लेकर सीएम से मिलेंगे।
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पेयजल किल्लत आईपीएच की देन : गुप्ता
नगर परिषद के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि पानी की किल्लत आईपीएच की देन है। मायाजाल इस कदर फैला हुआ है कि शहर को पानी न देकर भाजपा बाहुल वाली नगर परिषद को परेशानी किया जा रहा है। कहा कि बिना नगर परिषद की अनुमति से शहर के पानी कुछ गांवों में छोड़ा जा रहा है। यह नहीं लिफ्टिंग में भी मनमर्जी हो रही है। इससे शहर में पानी की भारी किल्लत चल रही है। यदि आलम यही रहा तो प्रदर्शन होगा। आईपीएच के खिलाफ नारेबाजी होगी। शनिवार को प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
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कांग्रेस पार्षद आज जाएंगे शिमला
कांग्रेस पार्षद पुनीत शर्मा, राजीव ठाकुर, सत्या वर्मा, सुलक्षणा, पूर्व मनोनीत पार्षद राजीव कौड़ा और विशाल वर्मा ने कहा कि सोलन में पेयजल समस्या विकराल हो चुकी है। अश्वनी को बहाल करने की मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। पार्षदों का कहना है कि जब अश्वनी के सैंपल पास हो गए हैं तो प्रतिबंध क्यों हटाया नहीं जा रहा है? इसके चलते लाखों की आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
शहर में पेयजल संकट कांग्रेस
सरकार की नाकामी : भाजपा
सोलन। भाजपा सोलन मंडल ने पानी की समस्या को कांग्रेस सरकार की नाकामी करार दिया है। मंडल अध्यक्ष रविंद्र परिहार, शैलेंद्र गुप्ता, नरेंद्र ठाकुर, मदन ठाकुर, गुरविंद्र सिंह, अमर सिंह ठाकुर, संदीप ठाकुर, कमला शर्मा, धर्मेंद्र ठाकुर, कमल वर्मा, चंद्रकांत शर्मा, मनीष, अभिषेक ठाकुर, चंद्रकांता शर्मा, सुनील ठाकुर और अशोक ठाकुर ने मांग की है कि सोलन की जनता को पानी तुरंत उपलब्ध करवाया जाए अन्यथा भाजपा सोलन मंडल विरोध प्रदर्शन करेगा। अश्वनी खड्ड पेयजल योजना 25 जनवरी को बंद कर दी थी। पेयजल योजना का पानी दूषित था और पीलिया फैल रहा था। तो मंत्री जी इसी जल को पीने योग्य बताते हुए कुछ आईपीएच अफसरों की पीठ थपथपा रहे थे। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में लोगों को कभी भी पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ना।
प्रशासन, नप आईपीएच
सब हैं जिम्मेवार : सभा
सोलन। नागरिक सभा के सह संयोजक अमित वत्स और राजेंद्र मोहन और सह संयोजक अभिषेक मट्टू ने कहा कि प्रशासन, आईपीएच और नगर परिषद को पहले ही इस स्थिति से अवगत करवा दिया था। लेकिन वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए। अब सोलन की जनता प्यासी है।
प्रशासन, नप और आईपीएच में तालमेल की भारी कमी है। पानी नहीं मिल रहा है। एक दूसरे पर इल्जाम लगाने के बजाय अगर पानी के वितरण पर ध्यान दिया जाए तो सोलन की जनता को पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी। अगर पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी तो नागरिक सभा आंदोलन छेड़ेगी।