{"_id":"6a1896eb4d2c26d84f017d81","slug":"voting-rate-slowed-in-the-morning-increased-in-the-afternoon-with-high-enthusiasm-among-the-youth-and-the-elderly-solan-news-c-176-1-ssml1041-170337-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: सुबह कम, दोपहर में बढ़ी मतदान की रफ्तार, युवाओं और बुजुर्गों में भारी उत्साह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: सुबह कम, दोपहर में बढ़ी मतदान की रफ्तार, युवाओं और बुजुर्गों में भारी उत्साह
विज्ञापन
धरोट पंचायत के गुग्गाघाट बूथ पर लगी कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन की धरोट पंचायत के गुग्गाघाट बूथ पर वीरवार को लोकतंत्र का एक खूबसूरत रंग देखने को मिला। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुए मतदान में सुबह के समय रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मतदाताओं की संख्या और उत्साह दोनों में भारी इजाफा दर्ज किया गया।
सुबह 7:00 से लेकर 10:00 बजे तक के शुरुआती तीन घंटों में इस बूथ पर कुल 75 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद दोपहर होते-होते पोलिंग स्टेशन पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस मतदान प्रक्रिया की सबसे खास बात यह रही कि जहां एक ओर नए मतदाताओं में अपनी सरकार चुनने का जबरदस्त उत्साह दिखा, वहीं दूसरी ओर शारीरिक दिक्कतों के बावजूद बुजुर्गों का जज्बा भी सलाम करने योग्य था।
कृति शर्मा ने पहली बार किया मतदान
कुरयाली की रहने वाली कृति शर्मा ने पहली बार अपने मत का प्रयोग किया। पहली बार उंगली पर लगी स्याही को दिखाते हुए कृति ने कहा कि देश और क्षेत्र के विकास के लिए हर युवा को बढ़-चढ़कर मतदान करना चाहिए।
विज्ञापन
77 वर्षीय रामानंद पहुंचे वोट डालने
मतदान केंद्र पर उस समय सभी की निगाहें टिक गईं जब गुग्गाघाट के रहने वाले 77 वर्षीय रामानंद वोट डालने पहुंचे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह युवाओं जैसा था। वहीं, लाठी के सहारे चलते हुए 75 वर्षीय शामा शर्मा भी मतदान केंद्र पर पहुंचीं और अपना वोट डाला। इन बुजुर्गों ने समाज को संदेश दिया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदान से बढ़कर कोई दूसरा कर्तव्य नहीं है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन की धरोट पंचायत के गुग्गाघाट बूथ पर वीरवार को लोकतंत्र का एक खूबसूरत रंग देखने को मिला। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुए मतदान में सुबह के समय रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मतदाताओं की संख्या और उत्साह दोनों में भारी इजाफा दर्ज किया गया।
सुबह 7:00 से लेकर 10:00 बजे तक के शुरुआती तीन घंटों में इस बूथ पर कुल 75 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद दोपहर होते-होते पोलिंग स्टेशन पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस मतदान प्रक्रिया की सबसे खास बात यह रही कि जहां एक ओर नए मतदाताओं में अपनी सरकार चुनने का जबरदस्त उत्साह दिखा, वहीं दूसरी ओर शारीरिक दिक्कतों के बावजूद बुजुर्गों का जज्बा भी सलाम करने योग्य था।
विज्ञापन
कृति शर्मा ने पहली बार किया मतदान
कुरयाली की रहने वाली कृति शर्मा ने पहली बार अपने मत का प्रयोग किया। पहली बार उंगली पर लगी स्याही को दिखाते हुए कृति ने कहा कि देश और क्षेत्र के विकास के लिए हर युवा को बढ़-चढ़कर मतदान करना चाहिए।
विज्ञापन
77 वर्षीय रामानंद पहुंचे वोट डालने
मतदान केंद्र पर उस समय सभी की निगाहें टिक गईं जब गुग्गाघाट के रहने वाले 77 वर्षीय रामानंद वोट डालने पहुंचे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह युवाओं जैसा था। वहीं, लाठी के सहारे चलते हुए 75 वर्षीय शामा शर्मा भी मतदान केंद्र पर पहुंचीं और अपना वोट डाला। इन बुजुर्गों ने समाज को संदेश दिया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदान से बढ़कर कोई दूसरा कर्तव्य नहीं है।