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महापंचायत का एलान, रामलोक मंदिर में बाबा को नहीं आने देंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, साोलन
Updated Sun, 14 May 2017 11:34 PM IST
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कंडाघाट की ग्राम पंचायत तुंदल रामलोक मंदिर के विवादित बाबा के खिलाफ रविवार को 22 पंचायतों के सैकड़ों लोगों और प्रतिनिधियों ने महापंचायत बुलाई। इस मौके पर लोगों ने एकजुट होकर फरमान जारी किया कि वह किसी भी कीमत पर बाबा को मंदिर में प्रवेश नहीं करने देंगे। इस मौके पर उपायुक्त सोलन राकेश कंवर भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से इस मंदिर को अपने अधीन लेने की मांग भी की है।
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कंडाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत तुंदल में स्थित रामलोक मंदिर के बाबा की ओर से रूड़ा गांव के लोगों से मारपीट करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बाबा अमरदेव के विरोध में ग्राम पंचायत रूड़ा में 22 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों और लोगों ने महापंचायत का आयोजन किया। इसमें उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने भी विशेष रूप से भाग लिया।
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इस दौरान जनप्रतिनिधियों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बाबा का विरोध करते हुए मंदिर में उनके प्रवेश पर रोक लगाने का फरमान सुना दिया। ग्रामीणों ने उपायुक्त से रामलोक मंदिर को सरकार के अधीन लेने पर भी बल दिया। इससे पहले मारपीट और अतिक्रमण करने के खिलाफ जहां ग्रामीणों ने मंदिर के पुजारी आरोपी बाबा को ढोंगी करार देते हुए रोष रैली व धरना प्रदर्शन किया था।
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पिछले माह 26 अप्रैल को मंदिर के बाबा ने गांव की एक महिला पर तेजधार हथियार से हमला कर घायल कर दिया था। इसे लेकर ग्रामीणों और बाबा के बीच घमासान छिड़ गया। उसके बाद से बाबा अमरदेव के खिलाफ छिड़ा विवाद दिन प्रतिदिन जोर पकड़ता चला गया और करीब दो दर्जन ग्राम पंचायतों के लोग बाबा के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। इस दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों से संयम बरतते हुए कानून को अपने हाथ में न लेने की राय दी।
उन्होंने ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति इस बारे में सरकार और प्रशासन से कुछ कहना चाहता है तो वह कानून को अपने हाथ में न लेते हुए वह जनप्रतिनिधियों से संपर्क करें ताकि समस्या का हल बातचीत और विचार विमर्श से निकाला जाए। उपायुक्त ने सभी को बाबा के स्थाई पते की जानकारी के बारे में आश्वस्त किया।
उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि कोई भी काम ऐसा न करें कि मूल मुद्दे से ध्यान हटकर कहीं ओर लग जाए। उन्होंने सभी को निष्पक्ष जांच के लिए आश्वासन देते हुए कहा कि इस मुद्दे के संदर्भ में कई प्रकार से कार्रवाई की जा रही है। इस मौके पर एसडीएम कंडाघाट नीलम दुल्टा, तहसीलदार संजीत शर्मा, स्टेट प्रेसिडेंट हिमाचल किसान सभा एस तनवर, हिमाचल किसान सभा के प्रधान प्यारे लाल, मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन रमेश ठाकुर, जिला महामंत्री भाजपा लोकेश्वर शर्मा, मोहन सिंह ठाकुर सहित चुने हुए प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कमेटी का किया गठन
22 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों की ओर से इस संदर्भ में ग्रामीण संघर्ष समिति का गठन किया। इसमें प्रधान जगदीश चंद्र शर्मा को समिति का अध्यक्ष चुना गया। जबकि उपप्रधान प्रवीण शर्मा को बनाया गया। इसके अलावा सुनीता रोहाल, सीता ठाकुर, निशा देवी, निशा ठाकुर सहित शामती, क्वारग, दंघिल, बसाल, कोट, डांगरी, सिरिनगर, सकोडी, बीशा, बाशा, सहित अन्य पंचायत प्रधान व उपप्रधान को समिति का सदस्य चुना गया।