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बुलेट ट्रेन चले न चले सीट जरूर मिले
ब्यूरो, सोलन
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:14 PM IST
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हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने मोदी सरकार पर तंज सकते हुए कहा कि देश में बुलेट ट्रेन चलाने का जो सपना मोदी सरकार का है वो ठीक है। देश में बुलेट ट्रेन हो या ना हो लेकिन यह व्यवस्था जरूर होनी चाहिए कि लोगों को ट्रेन में बैठने के लिए सीट मिल जाए।
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आम नागरिक सीटों के अभाव में खिड़कियों और छतों पर हाई वोल्टेज तारों के नीचे जिंदगी हाथ में रखकर सफर न करें। पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हास्य कवि पहली सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देने सोलन पहुंचे थे। उन्होंने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कई बातें मुझे अच्छी नही लगती हैं।
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उन्होंने कहा कि मजा कमाई के पैसों से करना चाहिए न की दान की राशि से। भाजपा के राम मंदिर बनाने वाले मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि राजा का यह काम नहीं कि वो कहीं जाकर मंदिर बनाए बल्कि ऐसा कुछ करें की देश ही मंदिर बन जाएं। राहुल गांधी के दलितों के घर जाकर खाना खाने वाले मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इससे बात नहीं बनती बल्कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए की देश का हर दलित अच्छी रोटी खा सके।
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50 वर्षों से कॉमेडी में हूं
सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि वह कॉलेज के समय से कामेडी कर रहे हैं और अब उन्हें 50 साल लोगों को गुदगुदाते हुए हो गए हैं। कहा कि हमारी कला टीवी के लिए नहीं बल्कि दर्शकों की आंखों में आंखें मिलाकर उन्हें लाइव हंसाने में है। पिता का मेडिकल का बिजनेस न संभालकर अपने इस शौक को पूरा किया। 2013 में उन्हें भारत सरकार ने पद्म श्री से नवाजा है।
देश में सहनशीलता खत्म हो चुकी है
कॉमेडी में व्यंग्यात्मक कॉमेडी पहले से ही होती आई है लेकिन आज सहनशीलता खत्म हो चुकी है। छोटी सी बात का मुद्दा बना दिया जाता है। मानवीयता खत्म हो चुकी है। पारिवारिक रिश्ते टूट रहे हैं। शादियां बड़ी जल्दी टूट रही हैं जो सोचनीय विषय है। पहले शर्मों लिहाज होती थी परिवार का डर होता था लेकिन आज साथ बैठकर दारू पीते हैं। फ्रस्टेटेड कॉमेडी नहीं लिख सकते। हिमाचल और उतराखंड प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर और दोनों ही देवभूमि है। दोनों जगहों पर नैसर्गिक सौंदर्य तो है पर उसे परोसने की थाली ठीक नहीं।